1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ का हुआ शिलान्यास, मोहन भागवत ने कहा- 'शक्ति के बिना कुछ नहीं होता है'

विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ का हुआ शिलान्यास, मोहन भागवत ने कहा- 'शक्ति के बिना कुछ नहीं होता है'

 Reported By: Yogendra Tiwari Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Apr 24, 2026 10:30 pm IST,  Updated : Apr 24, 2026 10:30 pm IST

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आज नागपुर में ‘भारतदुर्गा मंदिर’ का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि शक्ति के बिना सत्य भी स्थापित नहीं होता। कार्यक्रम में कई संत शामिल हुए और उन्होंने भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर व 'विश्व गुरु' बनने का संदेश दिया।

Bharat Durga Temple Nagpur, Mohan Bhagwat speech, RSS chief statement India- India TV Hindi
आज नागपुर में ‘भारतदुर्गा मंदिर’ का शिलान्यास हुआ। Image Source : REPORTER INPUT

नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम डॉ. आबाजी थत्ते सेवा और अनुसंधान संस्थान के जमठा क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां भूमि पूजन और शिलान्यास उनके हाथों संपन्न हुआ। इस मौके पर कई प्रमुख धर्माचार्य और संत मौजूद रहे, जिनमें गुरुशरणानंद महाराज, श्री जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, स्वामी गोविंद देवगिरी महाराज, स्वामी मित्रानंद महाराज, साध्वी ऋतंभरा देवी और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री प्रमुख रूप से शामिल थे।

'भारत की पूजा करनी है तो भारत बनना पड़ेगा'

इस मौके पर अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा, 'भारत को भारत की पूजा करनी है तो भारत बनना पड़ेगा, भारत को जानना पड़ेगा, भारत को मानना पड़ेगा। अंग्रेजों की डेढ़ सौ साल की गुलामी के पश्चात हमारे मन और बुद्धि पर पश्चिमी लेप चढ़ गया है, उसको उतार कर वहां जाना पड़ेगा। शक्ति के बिना कुछ नहीं होता है, सत्य को भी शक्ति का सहारा लेकर ही दुनिया में प्रचलित करना पड़ता है। एक भारतवर्ष ऐसा है जिसमें सत्य को सत्य के मूल में ग्रहण करते हैं, शक्ति की आवश्यकता रहती नहीं। बाकी दुनिया तो जिसकी लाठी उसकी भैंस मानने वाली है।'

मंदिर ही नहीं, हर व्यक्ति को करनी होगी पूजा

मंदिर निर्माण को लेकर उन्होंने कहा, 'मंदिर हो गया, उसकी व्यवस्था भी बनेगी, यहां रोज पूजा-अर्चना होगी, विधिवत होगी। हम लोग भी आते रहेंगे। भारत दुर्गा की पूजा केवल मंदिर के पुजारी एवं व्यवस्थापक करेंगे, इससे नहीं होगा। वह पूजा हम सबको करनी पड़ेगी और उसकी पूजा की विधि अलग है। हमें निर्भय होना पड़ेगा। अभी देखेंगे तो पता नहीं चलता कि भारत विश्व गुरु होने वाला है। आज विचार कीजिए दुनिया की जो हालत है, उसमें अगर भारत का रास्ता दुनिया ने नहीं लिया तो भविष्य क्या है। संतों के मुख से जो घोषणा हुई है, भारत विश्व गुरु बनेगा।'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।