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कौन है फैयाज प्रेमजी? जिसका नाम 'मुहर्रम जहर साजिश' मामले में आया सामने; शिया से बना 'एक्स-मुस्लिम'

 Reported By: Saket Rai Edited By: Malaika Imam
 Published : Jun 30, 2026 12:54 pm IST,  Updated : Jun 30, 2026 12:56 pm IST

फैयाज प्रेमजी ने बताया कि उसने खोजा शिया कम्युनिटी का चुनाव लड़ा था, जिसमें उसे शिकस्त मिली। इस वजह से भी वह अपनी कम्युनिटी से नाराज चल रहा था।

Fayaz Premji- India TV Hindi
आरोपी फैयाज प्रेमजी Image Source : REPORTER INPUT/PTI

मुंबई में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक चौंकाने वाली साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने पुणे के एक 39 वर्षीय व्यवसायी फैयाज प्रेमजी को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि उसने मोहर्रम के जुलूस में शामिल शिया समुदाय के लोगों को पेनकिलर्स के रूप में चूहा मारने का जहर बांटने की खतरनाक योजना बनाई थी।

मोहर्रम और आशुरा के दौरान सड़कों पर चलने वाले थके हुए शोक मनाने वालों को पानी, भोजन और दवाइयां बांटना एक पुरानी परंपरा है। मुंबई पुलिस के अनुसार, फैयाज प्रेमजी इसी परंपरा की आड़ में एक बड़ी तबाही मचाना चाहता था। पुलिस का आरोप है कि प्रेमजी ने जिंक फॉस्फाइड (जो कि एक अत्यधिक जहरीला चूहा मारने का जहर है) से भरे 14,000 से अधिक कैप्सूल तैयार कर लिए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की योजना लगभग 30,000 ऐसे जहरीले कैप्सूल बनाने की थी। ये कैप्सूल बिल्कुल आम दर्द निवारक गोलियों जैसे दिखते थे।

चुनाव में मिली हार, कम्युनिटी से था नाराज

पुलिस को जांच के दौरान फैयाज प्रेमजी ने बताया है कि उसने पहले एक खोजा शिया कम्युनिटी का चुनाव लड़ा था, जिसमें उसे करारी शिकस्त मिली। पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी इस वजह से भी अपनी कम्युनिटी से नाराज चल रहा था। पुलिस को जांच में पता चला है कि जिंक फॉस्फाइड जो आमतौर पर चूहा मारने के ज़हर के रूप में इस्तेमाल होता है, आरोपी ने ऑनलाइन ऑर्डर कर मध्य प्रदेश से मंगाया गया था।

आरोपी फयाज प्रेमजी ने इंदौर के एक सप्लायर से करीब 40 किलोग्राम से ज्यादा जिंक फॉस्फाइड ऑनलाइन ऑर्डर किया था। इसके अलावा, उसने इंदौर के ही एक अन्य सप्लायर से बड़ी मात्रा में खाली कैप्सूल भी खरीदे थे। जिंक फॉस्फाइड की कीमत लगभग 15 हजार रुपये थी, जबकि कैप्सूल खरीदने के लिए उसने करीब 30 हजार रुपये खर्च किए।

पुलिस पेमेंट से जुड़े रिकॉर्ड और डिलीवरी रिकॉर्ड की जांच कर पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि दोनों में से किसी भी सप्लायर को प्रेमजी के इरादों की जानकारी थी। प्रारंभिक जांच में यह खरीदारी सामान्य व्यावसायिक लेन-देन के तहत की गई प्रतीत होती है।

एक साल में 19 बार ईरान-इराक गया

पुलिस को जांच में पता चला है कि प्रेमजी ने साल 2019 से 2025 के बीच कई बार ईरान और इराक की यात्राएं की थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले महज एक साल के भीतर ही वह 19 बार ईरान और इराक गया था। 

शिया मुस्लिम से बना एक्स-मुस्लिम

फैयाज प्रेमजी खोजा शिया समुदाय से ताल्लुक रखता है, जिसके पूर्वज गुजरात के लोहाना समुदाय से थे। गिरफ्तारी से काफी पहले, प्रेमजी कई इंटरव्यू, पॉडकास्ट और यूट्यूब चर्चाओं में शामिल हुआ था, जिनमें उसने एक पालन करने वाले शिया मुस्लिम से इस्लाम छोड़ने और धर्म के मुखर आलोचक बनने तक के अपने सफर के बारे में विस्तार से बात की थी।

प्रेमजी का दावा था कि उसने पहले इस्लाम में भीतर से सुधार करने की कोशिश की और लोगों को रूढ़िवादी सोच छोड़ने को कहा, लेकिन समुदाय के लोगों ने उसकी बात नहीं मानी। लगातार होते विवादों के कारण उसने खुद को इस्लाम से अलग कर लिया। उसका कहना था कि स्वतंत्र रूप से सोचने वाला कोई भी व्यक्ति जब इस्लाम को गहराई से पढ़ेगा, तो वह इसे छोड़ देगा।

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