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आखिर क्यों हो रही है शरद पवार-अजित पवार की मुलाकात? जानें इसके सियासी मायने

 Reported By: Sameer Bhaudas Bhise,,  Dinesh Mourya, Edited By: Subhash Kumar
 Published : Aug 13, 2023 05:24 pm IST,  Updated : Aug 13, 2023 05:27 pm IST

ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही है कि शरद पवार गुट के कई अन्य विधायक अजित खेमे में शामिल होना चाहते हैं। अगर ऐसा होता है तो जल्द ही महाराष्ट्र में नया सियासी तूफान देखने को मिल सकता है।

Ajit Pawar- Sharad Pawar- India TV Hindi
अजित पवार-शरद पवार। Image Source : PTI

पुणे स्थित बिजनेसमैन अतुल चोरडिया के घर हुई शरद पवार और अजित पवार की मुलाकात एक बार फिर सियासी हलकों में चर्चा का विषय है। इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र सरकार में फिर से किसी उलटफेर की ओर इशारा भी किया जा रहा है। अजित पवार की बगावत के बाद ये पहली बार नहीं है कि जब शरद पवार और अजित पवार एक दूसरे से मिले हो। 

पहले भी हो चुकी मीटिंग

इससे पहले भी अजित पवार उनके साथ सरकार में शामिल हुए 9 मंत्री और बाद में विधायकों के साथ वाय बी सेंटर में शरद पवार से मिल चुके हैं। उन मुलाकातों में अजीत द्वारा शरद पवार को मनाने की कोशिश की गई थी। अजित पवार और उनके साथी मंत्रियों ने शरद पवार से सरकार में शामिल होने के फैसले को स्वीकार करने और आशीर्वाद देने की गुजारिश की थी। 

फिर से मनाने की कोशिश
कल हुई मुलाकात में एक बार फिर अजित पवार ने शरद पवार को मनाने की कोशिश की है। ऐसा इसलिए क्योंकि शरद पवार के साथ शामिल कुछ विधायक अजित पवार के साथ आना चाहते हैं। उन विधायको में इस बार जयंत पाटिल का भी नाम शामिल है। इनके साथ ही प्राजक्त तनपुरे ( जयंत पाटिल के भतीजे) व राजेश टोपे का नाम भी शामिल है। यह तीनों ही एमवीए सरकार में मंत्री रह चुके हैं। 

नहीं माने शरद पवार
सूत्र बताते हैं कि शरद पवार ने अजित के साथ आने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि जो अजित पवार के साथ जाना चाहता है जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में नवाब मलिक को मिली 2 महीने की अंतरिम जमानत, आगामी चुनाव और संगठन के लिहाज से भी कुछ महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। 

जयंत होंगे सरकार में शामिल?
जयंत पाटिल के बैठक में होने से इस बात को बल मिला है कि जल्द ही वह कुछ अन्य विधायकों के साथ अजित पवार के खेमे में शामिल हो सकते हैं। अजित पवार और जयंत में हमेशा से सियासी तल्खी रही है लेकिन ऐसा लगता है कि दूरियां कम हो रही हैं। मानसून सत्र में जयंत जब नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के अभिनदंन प्रस्ताव पर बोल रहे थे तब उन्होंने कहा था कि जब मैं बोलता हूं तब मुख्यमंत्री मेरी बातों पर ध्यान देते हैं लेकिन दोनों उप मुख्यमंत्री नहीं देते। इस पर अजित पवार ने तुरंत कहा कि हम दोनों का आप पर तो पूरा ध्यान है लेकिन आपका ही हमारी बातो पर ध्यान नहीं। 

जयंत के भाई तक पहुंची ED
शरद पवार और अजित पवार की सीक्रेट मीटिंग में जयंत पाटिल भी मौजूद थे। जयंत ने खुलासा किया है कि 4 दिन पहले उनके भाई को एक कंपनी के लेनेदेन के सिलसिले में ED ने पूछताछ के लिए बुलाया था। जयंत के अनुसार, उनके भाई ED के सामने पेश हुए और सारी जानकारी अधिकारियों को दी। जयंत ने बताया कि अजित-शरद की बैठक में वो मौजूद थे लेकिन दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि एनसीपी में फुट नहीं पड़ी है, पार्टी के सभी नेता शरद पवार के लिए काम कर रहे हैं।


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