मिजोरम में विपक्षी दल जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) ने मंगलवार को तुइचावंग सीट से शांति जीबन चकमा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। बता दें कि जेडपीएम ने जुलाई में 40 सदस्यीय विधानसभा में तुइचावंग को छोड़कर सभी सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी। चकमा स्वायत्त जिला परिषद (सीएडीसी) के पूर्व मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) शांति जीबन चकमा पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में थे। सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने इस सीट पर सीएडीसी के मौजूदा सीईएम रसिक मोहन चकमा को मैदान में उतारा है। बता दें कि कांग्रेस और भाजपा ने अभी तक सात नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। मतगणना तीन दिसंबर को होगी।
इस्तीफा देकर जेडपीएम में जा सकते हैं 5 विधायक
गौरतलब है कि मिजोरम के पांच निर्दलीय विधायकों ने मंगलवार को अपना इस्तीफा सौंपा था। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया, जब सात नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। आइजोल पश्चिम-तृतीय निर्वाचन क्षेत्र से विधायक वी एल जैथनजामा, आइजोल उत्तर-द्वितीय से विधायक वनललथलाना, आइजोल दक्षिण द्वितीय से विधायक ललछुआनथांगा, आइजोल दक्षिण-प्रथम से विधायक सी.ललसाविवुंगा और आइजोल उत्तर-प्रथम निर्वाचन क्षेत्र से विधायक वनललहलाना ने इस्तीफा सौंप दिया है। ये नेता मूल रूप से जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) से जुड़े थे, लेकिन 2018 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। उस समय जेडपीएम पार्टी राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत नहीं थी। विधानसभा की सदस्यता से उनका इस्तीफा इसलिए अहमियत रखता है, क्योंकि वे अब जेपीएम के टिकट पर नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
बता दें कि मिजोरम में सात नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य की कुल 40 विधानसभा सीट में से चार सीट को सबसे अहम माना जा रहा है-
(इनपुट- PTI)
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