Sunday, March 08, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. ऑटो
  4. महंगा हो सकता है कार-बाइक पर लोन, RBI के एक फैसले पर है कंपनियों की नजर

महंगा हो सकता है कार-बाइक पर लोन, RBI के एक फैसले पर है कंपनियों की नजर

Edited By: Pawan Jayaswal Published : Jan 07, 2024 12:55 pm IST, Updated : Jan 07, 2024 12:55 pm IST

अगर आरबीआई आगामी एमपीसी बैठकों में रेपो रेट नहीं घटाता है, तो ऑटो लोन महंगा होने की आशंका है। रेपो रेट में अब तक हुई 2.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी में से 1.3 प्रतिशत रिटेल ऑटो लोन में आया है। यदि इस साल नीतिगत दर में कटौती नहीं होती है, तो ऑटो लोन 1.2 प्रतिशत और महंगा हो सकता है।

ऑटो लोन- India TV Paisa
Photo:FREEPIK ऑटो लोन

भारतीय रिजर्व बैंक अगर आने वाली एमपीसी बैठकों में प्रमुख नीतिगत दर रेपो में कटौती नहीं करता है, तो ऑटो लोन और महंगा हो सकता है। इसका सीधा असर यात्री वाहनों की बिक्री पर पड़ेगा। मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (मार्केटिंग और सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि इस साल इंडस्ट्री सिंगल डिजिट ग्रोथ के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि 2023 में रिकॉर्ड 41.08 लाख यूनिट्स के ऊंचे बेस के चलते पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स ग्रोथ सिंगल डिजिट में रह सकती है। श्रीवास्तव ने कहा कि देश की कुल आर्थिक वृद्धि एक सकारात्मक फैक्टर है। श्रीवास्तव ने कहा, ‘वाहन उद्योग की वृद्धि काफी हद तक कुल अर्थव्यवस्था की वृद्धि पर निर्भर करती है। प्रति व्यक्ति जीडीपी ग्रोथ रेट 6-6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। दोनों के बीच अधिक जुड़ाव होता है। इसलिए यह एक सकारात्मक पक्ष है।’

महंगे हो सकते हैं ऑटो लोन

उन्होंने कहा, ‘हम बहुत ऊंचे बेस पर पहुंच गए हैं। इस बेस पर लगातार ग्रोथ हासिल करना कुछ मुश्किल है। हमने देखा कि 2021 में ग्रोथ लगभग 27 प्रतिशत थी, 2022 में यह 23 प्रतिशत थी। 2023 में यह 8.3 प्रतिशत है। इसलिए मेरा अनुमान है कि इस साल ग्रोथ सिंगल डिजिट में रहेगी।’ श्रीवास्तव ने कहा कि ऑटो लोन की दरों में संभावित बढ़ोतरी भविष्य की मांग को प्रभावित कर सकती है। पिछले साल से रेपो दर में ढाई प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी को अभी पूरी तरह खुदरा स्तर पर ट्रांसफर नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि होम लोन में फ्लोटिंग दरों की वजह से रेपो दर में वृद्धि तुरंत रिटेल लोन रेट्स में आती है। लेकिन ऑटो लोन के मामले में लगभग 98 प्रतिशत कर्ज निश्चित या फिक्स्ड दरों पर होता है।

ज्यादातर मॉडल्स में नहीं है वेटिंग पीरियड

श्रीवास्तव ने कहा कि अब तक रेपो रेट में 2.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी में से 1.3 प्रतिशत खुदरा ऑटो लोन में आया है। यदि इस साल नीतिगत दर में कटौती नहीं होती है, तो ऑटो लोन 1.2 प्रतिशत और महंगा हो सकता है। उन्होंने कहा कि ब्याज दर में संभावित वृद्धि के अलावा जो अन्य कारक पैसेंजर व्हीकल की बिक्री को प्रभावित कर सकते हैं, उनमें दबी मांग का समाप्त होना और मैन्यूफैक्चरर्स द्वारा 2023 की समाप्ति से पहले स्टॉक में किया गया ‘करेक्शन’ शामिल है। उन्होंने कहा कि 2023 की शुरुआत में बड़े स्तर पर पेंडिंग बुकिंग थी। लेकिन साल के दौरान धीरे-धीरे यह कम हो गई है। ज्यादातर मॉडल के लिए अब वेटिंग पीरियड समाप्त हो चुका है।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Auto से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement