1. Hindi News
  2. पैसा
  3. ऑटो
  4. EV Sales Boom: महंगे पेट्रोल से तंग आकर लोगों ने चुनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां! मई में रिकॉर्डतोड़ बिके 1.50 लाख ई-स्कूटर

EV Sales Boom: महंगे पेट्रोल से तंग आकर लोगों ने चुनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां! मई में रिकॉर्डतोड़ बिके 1.50 लाख ई-स्कूटर

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jun 01, 2026 08:38 am IST,  Updated : Jun 01, 2026 08:38 am IST

भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (e2W) बाजार ने मई 2026 में एक नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। वाहन डेटा और इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महीने देश में इलेक्ट्रिक स्कूटरों और मोटरसािकिलों की कुल बिक्री 1.50 लाख यूनिट्स के जादुई आंकड़े को पार कर गई है।

इलेक्ट्रिक स्कूटर की...- India TV Hindi
इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग बढ़ी Image Source : OFFICIAL WEBSITE

पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब साफ तौर पर ऑटोमोबाइल बाजार में दिखाई देने लगा है। महंगे ईंधन से परेशान लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि मई 2026 में देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (ई-स्कूटर और ई-बाइक) की बिक्री ने फिर रफ्तार पकड़ ली। सरकारी वाहन पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, मई में 1.5 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण हुआ, जो अप्रैल के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।

मार्च 2026 में रिकॉर्ड बिक्री के बाद अप्रैल में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। लेकिन मई में बाजार ने फिर मजबूती दिखाई। मई के दौरान करीब 1,50,796 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों और इलेक्ट्रिक वाहनों के कम रनिंग कॉस्ट ने ग्राहकों को आकर्षित किया है।

TVS और बजाज ने बनाई बढ़त

मई महीने में टीवीएस मोटर कंपनी सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी बनी रही। कंपनी ने 41 हजार से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री की। इसके बाद बजाज ऑटो दूसरे स्थान पर रही, जिसने 38 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन बेचे। वहीं एथर एनर्जी, हीरो मोटोकॉर्प और ओला इलेक्ट्रिक ने भी बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की। खास बात यह रही कि ओला इलेक्ट्रिक ने पिछले कुछ महीनों में बाजार हिस्सेदारी गंवाने के बाद फिर से वापसी के संकेत दिए हैं।

पेट्रोल-डीजल के महंगे होने का मिला फायदा

मई में सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹2.50 प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी की थी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताओं के कारण ईंधन महंगा हुआ। इसका सीधा फायदा इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को मिला क्योंकि रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए ईवी ज्यादा किफायती विकल्प बनकर उभरे।

बढ़ती लागत बनी नई चुनौती

हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ रही है, लेकिन कंपनियों के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं। लिथियम-आयन बैटरी, सेमीकंडक्टर, रेयर अर्थ मैग्नेट और अन्य कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से उत्पादन लागत पर दबाव बढ़ रहा है। कई कंपनियों ने आने वाले महीनों में कीमतें बढ़ाने की संभावना भी जताई है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Auto से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा