ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपने घाटे को कम करने के लिए लगभग 1,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। हालांकि, कंपनी ने छंटनी के शिकार होने वाले कर्मचारियों की संख्या को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन यह संकेत जरूर दिया कि ऐसा परिचालन गतिविधियों के पुनर्गठन और स्वचालन के कारण हो रहा है। ओला इलेक्ट्रिक ने पिछले साल भी करीब 500 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था। ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमने अपने फ्रंट-एंड परिचालन को पुनर्गठित और स्वचालित किया है, जिससे बेहतर मार्जिन, कम लागत और बेहतर ग्राहक अनुभव प्राप्त हुआ है। इसी के साथ बेहतर उत्पादकता के लिए गैर-जरूरी रोजगार भूमिकाओं को खत्म किया गया है।
कर्मचारियों की छंटनी का दूसरा दौर
यह कंपनी में पांच महीने के भीतर कर्मचारियों की छंटनी का दूसरा दौर है। यह छंटनी उस समय हो रही है जब कंपनी अपने स्टॉक प्रबंधन में सुधार और ग्राहकों को तेजी से आपूर्ति करने के अलावा एबिटा (ब्याज, कर, मूल्यह्रास से पूर्व की आय) मार्जिन को लगभग 10 प्रतिशत अंक तक बढ़ाने के लिए रणनीतिक कदम उठा रही है। ओला इलेक्ट्रिक ने देशभर में अपने क्षेत्रीय गोदामों को खत्म कर दिया है और वाहनों का स्टॉक, कलपुर्जे और आपूर्ति को बनाए रखने के लिए देशभर में अपने 4,000 खुदरा स्टोरों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसने प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और लागत को कम करने के लिए वाहन पंजीकरण एजेंसी भागीदारों के साथ अनुबंधों पर फिर से बातचीत की है।
376 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था
रिपोर्टों के मुताबिक, नौकरियों में कटौती के नवीनतम दौर से खरीद, पूर्ति, ग्राहक संबंध और चार्जिंग ढांचा जैसे कार्यों पर असर पड़ सकता है। ओला इलेक्ट्रिक को पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 376 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। इस तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 1,045 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 1,296 करोड़ रुपये था।
शेयर का भाव टूटकर 55 रुपये पर पहुंचा
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बीच पिछले एक महीने में कंपनी के स्टॉक की जबरदस्त पिटाई हुई है। आपको बता दें कि एक महीने में स्टॉक 27% से अधिक टूट गया है। सोमवार को शेयर का बंद भाव 55.12 रुपये था। पिछले साल कंपनी का शेयर बाजार में लिस्ट हुआ था। शेयर का भाव 100 रुपये के पार पहुंचा था।



































