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Budget 2020: एनपीआर-एनआरसी की बहस के बीच जनगणना विभाग के बजट में 700 प्रतिशत का इजाफा

देशभर में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनआरसी) पर छिड़ी बहस के बीच आम बजट 2020-21 में जनसंख्या, सर्वेक्षण एवं सांख्यिकी और भारत के महारजिस्ट्रार विभाग का कुल बजट आवंटन करीब 700 प्रतिशत बढ़ाया गया है।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Updated on: February 01, 2020 19:58 IST
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Government hikes Census budget by 700 per cent 

नयी दिल्ली। देशभर में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनआरसी) पर छिड़ी बहस के बीच आम बजट 2020-21 में जनसंख्या, सर्वेक्षण एवं सांख्यिकी और भारत के महारजिस्ट्रार विभाग का कुल बजट आवंटन करीब 700 प्रतिशत बढ़ाया गया है। वित्त वर्ष 2019-20 में विभाग के लिए कुल 621.33 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था जिसे 2020-21 के आम बजट में बढ़ाकर 4,568 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

मौजूदा बजट प्रावधान पिछले बजट के मुकाबले 635.19 प्रतिशत अधिक है। इसमें जनगणना सर्वेक्षण और सांख्यिकी के लिए 4,278 करोड़ रुपए का प्रावधान है जो पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में किए गए 537.33 करोड़ रुपये के प्रावधान से 696.15 प्रतिशत अधिक है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सरकार ने जनगणना से जुड़े एनपीआर की समीक्षा कर इसे प्रासंगिक बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अगले साल अप्रैल से सितंबर के बीच होने वाली इस जनगणना पर 8,500 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।

एनपीआर में भारत के हर ‘सामान्य निवासी’ का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके संबंध में एक सामान्य निवासी वह व्यक्ति है जो कम से कम छह महीने या उससे ज्यादा समय के लिए स्थानीय क्षेत्र में निवास कर रहा है, या वह अगले छह महीने या उससे अधिक समय के लिए निवास करने की मंशा रखता है। एनपीआर को स्थानीय (गांव/ उप नगर), उप जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकता कानून 1955 व नागरिकता नियम, 2003 के तहत तैयार किया जाएगा।

गृह मंत्रालय को बजट में मिले 1.67 लाख करोड़ रुपये, पुलिस और जनगणना के कामकाज पर जोर

केंद्रीय गृह मंत्रालय को अगले वित्त वर्ष के लिए बजट में 1,67,250 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिसमें पुलिस बलों और जनगणना 2021 से संबंधित कामकाज पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को लोकसभा में पेश आम बजट के अनुसार गृह मंत्रालय के बजट आवंटन में आठ केंद्रशासित प्रदेशों के लिए आवंटन शामिल है। इनमें नवसृजित जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों को क्रमश: 30,757 करोड़ रुपये और 5,958 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।

जनगणना 2021 के लिए कामकाज शुरू हो चुका है और सरकार ने जनगणना सर्वेक्षण और सांख्यिकी मद के तहत 4,568 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। जनगणना के तहत घरों की सूची बनाने और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का काम एक अप्रैल से 30 सितंबर, 2020 तक किया जाएगा। 

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