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मांग बढ़ने से चालू खाते का घाटा 2016-17 में जीडीपी का 1.6 फीसदी रहेगा: नोमुरा

 Written By: Sachin Chaturvedi
 Published : May 16, 2016 06:53 pm IST,  Updated : May 16, 2016 06:55 pm IST

बेहतर मानसून तथा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के मद्देनजर घरेलू मांग बढ़ने से देश का चालू खाते का घाटा मौजूदा वित्त वर्ष में बढ़कर GDP 1.6 फीसदी हो सकता है।

2016-17 में GDP का 1.6 फीसदी रहेगा चालू खाते का घाटा, मांग बढ़ने का दिखेगा असर : नोमुरा- India TV Hindi
2016-17 में GDP का 1.6 फीसदी रहेगा चालू खाते का घाटा, मांग बढ़ने का दिखेगा असर : नोमुरा

नई दिल्ली। बेहतर मानसून तथा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के मद्देनजर घरेलू मांग बढ़ने से देश का चालू खाते का घाटा GDP मौजूदा वित्त वर्ष में बढ़कर 1.6 फीसदी हो सकता है। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी नोमुरा ने एक रिपोर्ट में यह बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल डिमांड बढ़ने के कई बड़े कारण हैं, इस साल बेहतर मानसून, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के मद्देनजर मांग में वृद्धि को देखते हुए देश की घरेलू मांग बढ़ेगी।

नोमुरा ने कहा, हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 2015-16 के मुकाबले 2016-17 में चालू खाते का घाटा बढ़कर 1.6 फीसदी रहेगा।

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पिछले वित्त वर्ष में हमने चालू खाते का घाटा (सीएडी) 0.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। इसका कारण बेहतर मानसून, कर्मचारियों के वेतन बढ़ने तथा मौजूदा सार्वजनिक पूंजी व्यय से मांग में वृद्धि होना है। व्यापार घाटे में गिरावट के कारण कैड अप्रैल-दिसंबर में कम होकर 1.4 फीसदी रहा जो 2014-15 की इसी अवधि में 1.7 फीसदी रहा था।

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