मोदी सरकार द्वारा टैक्स ढांचे में पिछले साल किए गए सबसे बड़े बदलाव GST से देश को फायदा हुआ या नुकसान, इसकी रिपोर्ट अगले महीने आ सकती है। भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का परफॉर्मेंस ऑडिट कर रहा है। जिसकी रिपोर्ट जल्द ही जारी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक जीएसटी के क्रियान्वयन को लेकर परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट अगले महीने से शुरू हो रहे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश की जा सकती है। शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू हो रहा है। सीएजी एक जुलाई, 2017 से लागू हुई नए अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की कार्यप्रणाली की ऑडिटिंग कर रही है।
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इन पहलुओं पर गौर करेगा सीएजी
ऑडिट के तहत रजिस्ट्रेशन, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट, ट्रांजैक्शन क्रेडिट मैकेनिज्म, करों के भुगतान में सहूलियत और आर्थिक गतिविधियों पर इसका असर जैसे पहलुओं पर गौर किया जाएगा।
राजस्व संग्रह पर नहीं होगी चर्चा
परफॉर्मेंस ऑडिट में राजस्व संग्रह की चर्चा नहीं होगी। यह मूलतः जीएसटी के क्रियान्वयन पर फोकस होगा, जिसमें 17 स्थानीय करों को समाहित किया गया है। सूत्रों ने बताया कि सीएजी की टीम नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली, इसकी दक्षता और प्रभावशीलता की कार्यप्रणाली की स्पष्टता का अध्ययन करने के लिए पहले ही विभिन्न राज्यों के जीएसटी आयुक्तालय का दौरा कर चुकी है। परफॉर्मेंस ऑडिट के तहत सीएजी प्रोग्राम्स, सिस्टम्स व गतिविधियों की जांच करती हैं कि वे अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों के आधार पर हैं या नहीं और उसमें आगे सुधार की कोई गुंजाइश है या नहीं।