1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. केयर्न एनर्जी ने फ्रांस की अदालत से 20 भारतीय सरकारी संपत्ति जब्त करने का आदेश हासिल किया

केयर्न एनर्जी ने फ्रांस की अदालत से 20 भारतीय सरकारी संपत्ति जब्त करने का आदेश हासिल किया

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jul 08, 2021 11:08 am IST,  Updated : Jul 08, 2021 11:19 am IST

एक मध्यस्थता अदालत ने दिसंबर में भारत सरकार को आदेश दिया था कि वह केयर्न एनर्जी को 1.2 अरब डॉलर से अधिक का ब्याज और जुर्माना चुकाए।

केयर्न एनर्जी के पक्ष...- India TV Hindi
केयर्न एनर्जी के पक्ष में फ्रांस की कोर्ट का फैसला Image Source : PTI

नई दिल्ली। ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी ने मध्यस्थता आदेश के तहत 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर का हर्जाना वसूलने के लिए एक फ्रांसीसी अदालत से फ्रांस में स्थित 20 भारतीय सरकारी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश हासिल किया है। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। फ्रांसीसी अदालत ने 11 जून को केयर्न एनर्जी को भारत सरकार की संपत्तियों के अधिग्रहण का आदेश दिया था, जिनमें ज्यादातर फ्लैट शामिल हैं, और इस बारे में कानूनी प्रक्रिया बुधवार शाम को पूरी हो गई। एक मध्यस्थता अदालत ने दिसंबर में भारत सरकार को आदेश दिया था कि वह केयर्न एनर्जी को 1.2 अरब डॉलर से अधिक का ब्याज और जुर्माना चुकाए। भारत सरकार ने इस आदेश को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद केयर्न एनर्जी ने भारत सरकार की संपत्ति को जब्त करके देय राशि की वसूली के लिए विदेशों में कई न्यायालयों में अपील की। 

देश को सबसे बड़ी तेल खोज देने वाली कंपनी को जनवरी, 2017 में आयकर विभाग से नोटिस मिला था, जिसमें उससे समूह कंपनी के 2006 में किए गए रीस्ट्रक्चरिंग की जानकारी मांगी गई थी। इसके साथ ही आयकर विभाग ने केयर्न एनर्जी की पूर्ववर्ती अनुषंगी केयर्न इंडिया में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी को कुर्क कर दिया। आयकर विभाग ने मार्च, 2015 में कंपनी से समूह के आंतरिक पुनर्गठन में हुए पूंजीगत लाभ पर 10,247 करोड़ रुपए कर चुकाने को कहा था।

केयर्न एनर्जी ने 2010-11 में अपनी भारतीय इकाई केयर्न इंडिया को वेदांता को बेच दिया था। अप्रैल, 2017 में केयर्न इंडिया और वेदांता के विलय के बाद ब्रिटेन की कंपनी की केयर्न इंडिया में हिस्सेदारी वेदांता में करीब पांच प्रतिशत हिस्सेदारी में बदल गई। केयर्न एनर्जी के वेदांता में शेयरधारिता को कुर्क करने के अलावा आयकर विभाग ने शेयरधारिता के बदले 1,140 करोड़ रुपए के लाभांश को भी जब्त कर लिया। इसके साथ ही 1,590 करोड़ रुपए के कर रिफंड को भी समायोजित कर दिया। केयर्न इंडिया ने 2015 में पिछली तारीख से कर की मांग को अंतरराष्ट्रीय पंचाट में चुनौती दी थी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा