1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. नोटबंदी से बढ़ा अर्थव्यवस्था का आकार, सरकारी तंत्र में आया कालाधन : अमित शाह

नोटबंदी से बढ़ा अर्थव्यवस्था का आकार, सरकारी तंत्र में आया कालाधन : अमित शाह

 Written By: Manish Mishra
 Published : Sep 10, 2017 12:41 pm IST,  Updated : Sep 10, 2017 12:41 pm IST

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि नोटबंदी से औपचारिक अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ा है और इससे कालाधन सरकारी तंत्र में आया है।

नोटबंदी से बढ़ा अर्थव्यवस्था का आकार, सरकारी तंत्र में आया कालाधन : अमित शाह- India TV Hindi
नोटबंदी से बढ़ा अर्थव्यवस्था का आकार, सरकारी तंत्र में आया कालाधन : अमित शाह

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि नोटबंदी से औपचारिक अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ा है और इससे कालाधन सरकारी तंत्र में आया है जिसका इस्तेमाल लोगों के फायदे के लिए किया जा रहा है। शाह ने शीर्ष उद्योग संगठन फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा कि नोटबंदी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार द्वारा लिए गए कठिन निर्णयों का एक उदाहरण है। शाह ने यह बात ऐसे समय में कही है जब रिजर्व बैंक (RBI) ने बंद किए गए 99 फीसदी नोट के वापस बैंकिंग तंत्र में लौट जाने की बात कही है, जिसके बाद विपक्षी दल नोटबंदी को लेकर नये सिरे से आलोचना कर रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि,

मुझे पूरा यकीन है कि नोटबंदी के कारण औपचारिक अर्थव्यवस्था बढ़ी है। जहां-तहां पड़ा पैसा अब अर्थव्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा कि यह सरकार नीतिगत निर्णयों को वोटबैंक से जोड़कर नहीं देखती है।

यह भी पढ़ें : अब CNG और पेट्रोल पंपों पर नहीं होगा फर्जीवाड़ा, सरकार जल्‍द लगाने वाली है ये नई चिप

शाह ने कहा कि प्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या पिछले तीन साल में 3.7 करोड़ से बढ़कर 6.4 करोड़ हो गई है और 30 करोड़ नए बैंक खाते खुले हैं जिसने औपचारिक अर्थव्यवस्था में हर किसी को जोड़कर इसे विस्तृत किया है।

उन्होंने कारोबार जगत से सरकार द्वारा वैश्विक स्तर पर निर्मित ब्रांड इंडिया का फायदा उठाने का आवान करते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का सबसे महत्वपूर्ण योगदान लोगों के सोचने का तरीका बदल देना है। उन्होंने अफ्रीकी देशों में निवेश की भारी संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उद्योग जगत को इस अवसर का इस्तेमाल वैश्विक विस्तार में करना चाहिए।

यह भी पढ़ें : कारो‍बारियों को सरकार ने दी बड़ी राहत, GST रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ाकर 10 अक्‍टूबर की

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अल्पकालिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान दे रही है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) वर्ष 2014 के 8.5 करोड़ लोगों के बजाय अब 36 करोड़ लोगों तक पहुंच रही है और इससे विभिन्न योजनाओं में दी जाने वाली छूट में 59 हजार करोड़ रुप, की बचत हुई है। इससे पहले यह धन भ्रष्टाचार के कारण गायब हो जाया करता था।

उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर पिछली तिमाही में गिरकर 5.7 प्रतिशत पर आ जाने की बात पर कहा कि ऐसा कुछ तकनीकी कारणों से हुआ था। उन्होंने आगे जोड़ा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय 2013-14 में जीडीपी की वृद्धि दर 4.7 प्रतिशत थी जो इस सरकार में बढ़कर 7.1 प्रतिशत पर पहुंच गई।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा