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गोल्ड बॉन्ड के लिए इश्यू प्राइस 5000 रुपये प्रति 10 ग्राम तय, जानिए कब से खुलेगी नई सीरीज

गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2020-21 की नौवीं सीरीज सब्सक्रिप्शन के लिये 28 दिसंबर, 2020 को खुलेगी और एक जनवरी, 2021 को बंद होगी। स्कीम में डिजिटल माध्यम से भुगतान करने पर निवेशकों को इश्यू प्राइस पर प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट मिलेगी।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: December 24, 2020 21:56 IST
गोल्ड बॉन्ड का इश्यू...- India TV Paisa
Photo:PTI

गोल्ड बॉन्ड का इश्यू प्राइस तय

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने गोल्ड बॉन्ड की नवीं सीरीज के लिए इश्यू प्राइस का ऐलान कर दिया है। आरबीआई ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगली सीरीज के सरकारी गोल्ड बॉन्ड के लिये इश्यू प्राइस 5,000 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। सरकारी गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2020-21 की नौवीं सीरीज सब्सक्रिप्शन के लिये 28 दिसंबर, 2020 को खुलेगी और एक जनवरी, 2021 को बंद होगी।

आरबीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘बॉन्ड का मूल्य 5,000 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है।’’ बॉन्ड का मूल्य इंडियन बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित औसत बंद मूल्य पर आधारित है। इसमें इश्यू का मूल्य तय करने के लिये आवेदन शुरू होने की तारीख से पिछले सप्ताह के तीन कारोबारी दिवस के 999 शुद्धता वाले सोने के औसत मूल्य को लिया जाता है। नवीं सीरीज के लिए इश्यू प्राइस कारोबारी दिवस 22 से 24 दिसंबर की कीमतों के औसत के आधार पर लिया गया है।

आरबीआई के अनुसार सरकार ने केंद्रीय बैंक के साथ विचार-विमर्श कर ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने पर निवेशकों को इश्यू प्राइस पर प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट देने का निर्णय किया है। ऐसे आवेदकों के लिए इश्यू प्राइस 4950 रुपये प्रति ग्राम है।  इससे पहले आठवीं सीरीज के गोल्ड बांड का इश्यू प्राइस 5,177 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया था। यह आवेदन के लिये नौ नवंबर को खुला था और 13 नवंबर को बंद हुआ था। केंद्रीय बैंक सरकारी स्वर्ण बांड 2020-21 भारत सरकार की तरफ से जारी करता है। बांड में निवेशक एक ग्राम के गुणक में निवेशक कर सकते हैं। इसमें निवेश की अवधि आठ साल है। पाचवें साल से योजना से बाहर निकलने का विकल्प उपलब्ध है।

बांड की बिक्री देश के नागरिकों को व्यक्तिगत रूप, हिंदु अविभाजित परिवार, न्यास, विश्विविद्यालय और परमार्थ संस्थानों को ही की जाएगी। इसमें व्यक्तिगत रूप से और हिंदु अविभाजित परिवार प्रति वित्त वर्ष अधिकतम चार किलो सोने के लिये निवेश कर सकते हैं। जबकि न्यास और इस प्रकार की अन्य इकाइयां प्रति वर्ष 20 किलो सोने में निवेश कर सकते है। स्वर्ण बांड की बिक्री बैंकों (छोटे वित्त बैंकों और भुगतान बैंकों को छोड़कर),स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, मनोनीत डाकघरों और मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों (बीएसई और एनएसई) के जरिये की जाएगी।

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