1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. आलू की कीमतों पर काबू पाने की कोशिश, न्यूनतम निर्यात मूल्य 360 डॉलर प्रति टन किया

आलू की कीमतों पर काबू पाने की कोशिश, न्यूनतम निर्यात मूल्य 360 डॉलर प्रति टन किया

 Published : Jul 27, 2016 11:40 am IST,  Updated : Jul 27, 2016 11:40 am IST

आलू के निर्यात पर लगाम कसने के लिए आलू का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 360 डालर प्रति टन तय किया है। आलू की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने को यह कदम उठाया गया है।

आलू की कीमतों पर काबू पाने की कोशिश, न्यूनतम निर्यात मूल्य 360 डॉलर प्रति टन किया- India TV Hindi
आलू की कीमतों पर काबू पाने की कोशिश, न्यूनतम निर्यात मूल्य 360 डॉलर प्रति टन किया

नई दिल्‍ली। आलू की बढ़ती कीमतों से परेशान आम लोगों को जल्‍द राहत मिल सकती है। सरकार ने आलू के निर्यात पर लगाम कसने के लिए आलू का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 360 डालर प्रति टन तय किया है। आलू की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने तथा इसकी कीमतों पर अंकुश लगाने को यह कदम उठाया गया है।

निर्यात में 18 महीने बाद जून में पहली बार दिखा सुधार

विदेश व्यापार महानिदेशालय-डायरेक्ट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘आलू का निर्यात 360 डालर प्रति टन के एमईपी पर किया जा सकता है.’’ वर्ष 2014-15 में भारत 4.8 करोड़ टन के साथ दुनिया में आलू का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक था, लेकिन उसका निर्यात कुल उत्पादन का 1 फीसदी से भी कम था.

FY16 में कपड़ा निर्यात लक्ष्‍य से चूका भारत, प्राथमिकता क्षेत्र में आने के लिए वित्‍त मंत्रालय से किया संपर्क

आलू के बढ़ते दाम के पीछे पश्चिम बंगाल में फसल खराब होना भी एक कारण माना जा रहा है। यहां फसल में एक बीमारी की वजह से इस साल आलू की पैदावार खराब हुई है। पिछले साल देश में करीब 5 टन आलू की पैदावार हुई थी जबकि इस साल आलू की पैदावार घटकर सिर्फ 4.5 टन रहने का अनुमान है। इसी वजह से पिछले 2-3 महीने में ही आलू के दाम आसमान पर जा पहुंचे हैं। इसी वजह से बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए सरकार ने आलू के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा