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राजस्व सचिव की वॉर्निंग, कहा- GST लागू होने तक अगर बढ़ी किसी भी सामान की कीमत तो कंपनियों की होगी जांच

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : May 23, 2017 08:45 am IST,  Updated : May 23, 2017 09:40 am IST

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि GST लागू होने से पहले अगर कीमतें बढ़ी तो बाद में संबद्ध प्राधिकरण द्वारा बही खाते की जांच हो सकती है।

राजस्व सचिव की वॉर्निंग, कहा- GST लागू होने तक अगर बढ़ी किसी भी सामान की कीमत तो कंपनियों की होगी जांच- India TV Hindi
राजस्व सचिव की वॉर्निंग, कहा- GST लागू होने तक अगर बढ़ी किसी भी सामान की कीमत तो कंपनियों की होगी जांच

नई दिल्ली। सरकार ने गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (GST) के एक जुलाई से लागू होने तक उद्योग जगत से कीमत वृद्धि पर रोक लगाने को कहा है। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार की वृद्धि से बाद में संबद्ध प्राधिकरण द्वारा बही खाते की जांच हो सकती है। उन्होंने कहा GST कानून में मुनाफाखोरी निरोधक प्रावधान जरूरी था, ताकि टैक्स में कमी का लाभ ग्राहकों को मिलना सुनिश्चित हो सके।यह भी पढ़े:GST से दो फीसदी घटेगी महंगाई, अर्थव्‍यवस्‍था में आएगी तेजी : अधिया

अगर बढ़ी कीमत तो होगी जांच

उन्होंने कहा, मेरा उन्हें सुझाव है कि जीएसटी के लागू होने तक वे कीमत वृद्धि को रोक सकते हैं तो अच्छा है। नहीं तो यह लागत वृद्धि का गंभीर मुद्दा होगा जिसे वे तत्काल वहन नहीं कर सकते। अधिया ने कहा, ‘लेकिन इसके बाद भी अगर आप लागत के नाम पर कीमत बढ़ाते हैं तो आगे इसकी जांच की जा सकती है। यह भी पढ़े: पेट्रोलियम पदार्थों को GST के दायरे में लाने की मांग ने पकड़ा जोर, जम्‍मू और कश्‍मीर ने उठाया पहला कदम

तस्‍वीरों में देखिए GST के तहत किन चीजों पर लगेगा कितना कर

GST tax rates

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GST में मुनाफाखोरी के लिए किए गए है बड़े प्रावधान
जीएसटी कानून में एक मुनाफाखोरी निरोधक प्राधिकरण गठित करने का प्रावधान शामिल हैं जो यह सुनिश्चित करेगा कि कंपनियां टैक्स में कटौती का लाभ ग्राहकों को दें। पिछले सप्ताह जीएसटी काउंसिल ने 1200 से अधिक वस्तुओं और 500 सेवाओं को 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत कर स्लैब में रखा। सरकार का अनुमान है कि 18 प्रतिशत अधिक स्टैंडर्ड टैक्स के बावजूद सेवा प्रदाता को ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ मिलेगा और इससे जीएसटी का प्रभाव कम होगा। अधिया ने कहा, ‘कई वस्तुओं के दाम कम होंगे। खाद्यान का काफी व्यापक प्रभाव होता है, हमने खाद्यान और अनाज को शून्य टैक्स श्रेणी में रखा है।यह भी पढ़े: GST के छह महीने बाद स्थिर होंगे घरेलू उद्योग, 3 साल के बाद मिलेगा फायदा: क्रिसिल

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