1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. निजी क्षेत्र में भर्तियों में आई गिरावट, दो तिमाहियों के बाद सुधार की उम्मीद : एसोचैम

निजी क्षेत्र में भर्तियों में आई गिरावट, दो तिमाहियों के बाद सुधार की उम्मीद : एसोचैम

 Written By: Manish Mishra
 Published : Nov 19, 2017 11:07 am IST,  Updated : Nov 19, 2017 11:07 am IST

एसोचैम ने अपने अध्ययन में कहा कि फिलहाल कंपनियों का जोर कर्ज घटाने, संगठित होने, गैर-प्रमुख उद्योग से निकलने और बैलेंट शीट को हल्का और मजबूत बनाने पर है।

निजी क्षेत्र में भर्तियों में आई गिरावट, दो तिमाहियों के बाद सुधार की उम्मीद : एसोचैम- India TV Hindi
निजी क्षेत्र में भर्तियों में आई गिरावट, दो तिमाहियों के बाद सुधार की उम्मीद : एसोचैम

नई दिल्ली देश का कॉरपोरेट जगत जहां अपने बैलेंस शीट पर कर्जो का बोझ कम करने के लिए अपने लागत को तर्कसंगत बनाने में (मजदूरी के खर्चो सहित) अपनी ज्यादातर ऊर्जा लगा रहा है, वहीं निजी क्षेत्र में भर्तियों में वित्त वर्ष 2018-19 तक गिरावट जारी रहने की संभावना है। एसोचैम द्वारा अपने सदस्यों की प्रतिक्रिया के आधार पर किए गए मूल्यांकन में यह बात कही गई है। एसोचैम ने अपने अध्ययन में कहा कि फिलहाल कंपनियों का जोर कर्ज घटाने, संगठित होने, गैर-प्रमुख उद्योग से निकलने और बैलेंट शीट को हल्का और मजबूत बनाने पर है। यह अगले डेढ़ तिमाहियों तक जारी रहने की संभावना है। कंपनियां अपने मार्जिन में सुधार और ऋण की लागत को कम करने में व्यस्त होंगी, यहां तक कि शीर्ष कंपनियों की वृद्धि दर भी प्रभावित होगी।

एसोचैम की रिपोर्ट में कहा गया है कि,

इन परिस्थितियों में, नई भर्तियों की संभावना कम से कम दो तिमाहियों के लिए उज्जवल नहीं दिख रही है। हालांकि अगले वित्त वर्ष से चीजें सुधरेंगी।

एसोचैम ने कहा कि गौरतलब है कि ज्यादातर कटौती दूरसंचार, वित्तीय (निजी बैंकों और गैर-बैकिंग वित्त कंपनियों समेत), सूचना प्रौद्योगिकी, रियल्टी और अवसंरचना के क्षेत्र में हो रही है। विशेष रूप से, सरकार द्वारा पुनर्पूंजीकरण के बाद, सरकारी बैंक भी अपने परिचालन अनुपात को कम करने के लिए कर्मचारियों की लागत में कटौती करेंगे तथा नई भर्तियों में भी कटौती होगी।

एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि हालांकि, मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग बढ़ाने से उद्योग जगत की भावना में सुधार हुआ है, लेकिन अगली दो तिमाहियों तक निजी क्षेत्र की स्थिति चुनौतीपूर्ण रहेगी। लेकिन उसके बाद चीजें सुधरेंगी और वर्तमान में उच्च कर्ज, ग्राहकों की धीमी मांग जैसी समस्याएं 2018 के अप्रैल से दूर होनी शुरू हो जाएगी। किसी भी हालत में, किसी अप्रिय घटना को छोड़कर वित्त वर्ष 2018-19 चालू वित्त वर्ष से बेहतर रहेगा।

यह भी पढ़ें : 7th Pay Commission: आई खुशखबरी, दिसंबर में मिल सकती है बढ़ी हुई न्‍यूनतम सैलरी और फि‍टमेंट फैक्‍टर की वृद्धि

यह भी पढ़ें : मूडीज के एक फैसले से निवेशकों की जेब में आए 1.71 लाख करोड़ रुपए, शेयर बाजारों में तेजी आने से संपत्ति में हुआ इजाफा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा