नई दिल्ली। दुनिया की तमाम एजेंसियां भारत के आर्थिक ग्रोथ को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे है। ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी पीडब्ल्यूसी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा, भारत उभरते बाजार वाली अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला देश होगा। उम्मीद है कि भारत 2016 में 7.7 फीसदी की ग्रोथ दर्ज करेगा जो लगातार दूसरे साल चीन की आर्थिक वृद्धि से अधिक होगी। रिपोर्ट के मुताबिक सात उभरती अर्थव्यवस्थाओं – चीन, भारत, ब्राजील, मेक्सिको, रूस, इंडोनेशिया और तुर्की – में से भारत का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहेगा जबकि ब्राजील और रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव और चीन की अर्थव्यवस्था में नरमी आएगी।
लगातार दूसरे साल चीन से ज्यादा ग्रोथ करेगा भारत
नए साल (2016) के लिए अपने इकनॉमिस्ट द्वारा बनाई गई रिपोर्ट को पेश करते हुए पीडब्ल्यूसी ने कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से सिर्फ भारत के 2016 के दौरान दीर्घकालिक औसत वृद्धि दर के मुकाबले तेज वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है। पीडब्ल्यूसी ने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत लगातार दूसरे साल चीन से ज्यादा तेजी से वृद्धि दर्ज करेगा और वास्तविक वृद्धि दर्ज करीब 7.7 फीसदी रहेगी। इस साल G-7 अर्थव्यवस्थाओं :अमेरिका, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और कनाडा: के 2010 के बाद से अब पहली बार सबसे अधिक तेज वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है। इसके उलट सात उभरती अर्थव्यवस्थाएं अपने रुझान के मुकाबले धीमी वृद्धि दर्ज करेंगी लेकिन G-7 के मुकाबले फिर भी तेज रहेंगी।
इस साल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भी होगा सुधार
पीडब्ल्यूसी ब्रिटेन के मुख्य अर्थशास्त्री जॉन हॉक्सवर्थ ने कहा, हमें उम्मीद है कि अमेरिका में 2016 के दौरान ज्यादा तेजी से सुधार होगा जबकि ब्रिटेन में उपभोक्ता केंद्रित वृद्धि बरकरार रहेगी। हमें कम से कम यूरो क्षेत्र संकट के अंत की शुरआत की उम्मीद है। एक समय बेहद मजबूत रहे ब्रिक्स के लिए 2016 मुश्किल वर्ष रहेगा हालांकि भारत इनमें अपवाद रहेगा। पीडब्ल्यूसी के मुताबिक 2016 में चीन की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत रहेगी क्योंकि विनिर्माण एवं निर्यात में वृद्धि दर धीरे-धीरे कम होगी। रपट में कहा गया कि भारत हालिया सुधार का लाभ उठाना बरकरार रखेगा। पीडब्ल्यूसी ने कहा भारत के केंद्रीय बैंक द्वारा पिछले साल नीतिगत दर आठ प्रतिशत से घटाकर 6.75 फीसदी करने से इस साल खपत और निवेश के समर्थन में मदद मिलेगी।