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Market become Market: भारत के उभरते शहर बने 3400 अरब रुपए के रिटेल किराना बाजार, कंपनियों के लिए बढ़े मौके

 Published : Jan 31, 2016 07:23 pm IST,  Updated : Jan 31, 2016 07:23 pm IST

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (केआईई) की रिपोर्ट के अनुसार भारत के तेजी से उभरते शहर रिटेल किराना कंपनियों के लिए बड़ा बाजार बनते जा रहे हैं।

Market become Market: भारत के उभरते शहर बने 3400 अरब रुपए के रिटेल किराना बाजार, कंपनियों के लिए बढ़े मौके- India TV Hindi
Market become Market: भारत के उभरते शहर बने 3400 अरब रुपए के रिटेल किराना बाजार, कंपनियों के लिए बढ़े मौके

नयी दिल्ली। भारत के तेजी से उभरते शहर रिटेल किराना कंपनियों के लिए बड़ा बाजार बनते जा रहे हैं। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (केआईई) की रिपोर्ट के अनुसार संगठित क्षेत्र (आनलाइन समेत) के लिये शहरी क्षेत्रों में (10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में) 3400 अरब रुपए का खुदरा किराना कारोबार का अवसर मौजूद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में खुदरा खपत में किराना सामान की हिस्सेदारी करीब आधा है लेकिन बाजार पूरी तरह असंगठित है। देश शहरों में किराना के खुदरा बाजार में कंपनियों को 3.4 लाख करोड़ रुपए के कारोबार का अवसर मिल सकता है।

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असंगठित बाजार में बड़े कारोबारी मौके

रिपोर्ट के अनुसार, बड़े आकार के बावजूद यह बाजार बड़े पैमाने पर असंगठित बना हुआ है इसमें व्यापक स्तर पर गली मोहले की दुकान-डलिया चलती है और इसमें संगठित क्षेत्र क्षेत्र के परम्परागत किराना स्टोर काफी देर से आए हैं। इसमें कहा गया है कि शहरी आबादी तथा क्रय शक्ति बढ़ने से इन क्षेत्रों में किराना खपत बढ़ेगी।

छोटी दुकानों की हिस्‍सेदारी 98 फीसदी

रिपोर्ट के अनुसार, शहरीकरण की प्रवृत्ति तथा उच्च खपत के बावजूद संगठित खुदरा किराना की हिस्सेदारी केवल 2.0 प्रतिशत है। इसका तात्पर्य है कि गली-मोहल्ले की किराना दुकानों की हिस्सेदारी 98 प्रतिशत है।  रिपोर्ट में राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के खपत के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि भारत के किराना बाजार का आकार 19.9 लाख करोड़ रपये है। यह खुदरा उपभोग का 48 प्रतिशत है।

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