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24X7 बिजली उपलब्‍ध कराने के लिए मोदी सरकार ने निकाला रास्‍ता, ऊर्जा बचत पर दिया जा रहा है जोर

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Apr 12, 2016 08:01 am IST,  Updated : Apr 12, 2016 08:01 am IST

सरकार बिजली समस्‍या से निपटने के लिए अधिक दक्ष उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। पिछले साल भारत में पीक समय में बिजली आपूर्ति में 3.6 फीसदी की कमी थी।

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24X7 बिजली उपलब्‍ध कराने के लिए मोदी सरकार ने निकाला रास्‍ता, ऊर्जा बचत पर दिया जा रहा है जोर

नई दिल्‍ली। नरेंद्र मोदी सरकार भारत की बिजली समस्‍या से निपटने के लिए अधिक दक्ष उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। पिछले साल भारत में पीक समय में बिजली आपूर्ति में 3.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी। इस कमी से न केवल मैन्‍युफैक्‍चरिंग और इंडस्ट्रियल प्रोडक्‍टीविटी पर असर पड़ता है, बल्कि करोड़ों भारतीयों को बहुत ज्‍यादा गर्मी में असुविधा झेलनी पड़ती है। भारत में अभी भी 28 करोड़ लोग बिजली से वंचित हैं। मोदी सरकार शुरुआत से ही बिजली समस्‍या पर ध्‍यान दे रही है। इसके लिए जहां एक ओर सौर ऊर्जा उत्‍पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर पावर डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपनियों को वित्‍तीय सहायता भी उपलब्‍ध कराई जा रही है। 2014 से 2024 के बीच भारत की ऊर्जा जरूरत औसतन 5.2 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रही है, ऐसे में सरकार ने इस मांग को पूरा करने के लिए अब बिजली बचाने पर ज्‍यादा ध्‍यान देना शुरू किया है।

ऊर्जा दक्ष एलईडी बल्‍ब

जनवरी 2015 में सरकार ने घरों व स्‍ट्रीट लाइटिंग के लिए नेशनल प्रोग्राम फॉर लाइट एमीटिंग डायोड (एलईडी) की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम के तहत पारंपरिक बल्‍बों को एलईडी बल्‍बों से बदला जा रहा है, जो 80 फीसदी कम बिजली खपत करते हैं। इस योजना के तहत देशभर में अब तक 88 करोड़ एलईडी लैंप बांटे जा चुके हैं। पिछले हफ्ते सरकार ने बिजली बचाने वाले इसी प्रकार के दो नए कार्यक्रम शुरू किए हैं। एक कार्यक्रम के तहत अक्षम कृषि पंप और दूसरे कार्यक्रम के तहत पंखों को अधिक ऊर्जा दक्ष सीलिंग पंखों से बदला जाएगा। इन दोनों कार्यक्रमों को एनर्जी एफीशियंसी सर्विसेस लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा संचालित किया जाएगा।

बेहतर कृषि पंप और पंखे

राष्‍ट्रीय ऊर्जा दक्ष कृषि पंप कार्यक्रम के तहत अक्षम पंपों को बिजली की बचत करने वाले पंपों से फ्री में बदला जाएगा। नए पंपों में स्‍मार्ट कंट्रोल पैनल और एक सिम कार्ड होगा, जिससे इसका नियंत्रण घर बैठे किया जा सकेगा। वर्तमान भारत के पुराने कृषि पंपों द्वारा 170 अरब यूनिट बिजली खपत करने का अनुमान है। ईईएसएल 200,000 बीईई स्‍टार रेटेड पंप सेट किसानों को बांटेगी। इससे 2019 तक 30 फीसदी बिजली बचाने में मदद मिलेगी। सरकार का दावा है कि इस कार्यक्रम से कृषि सब्सिडी के तौर पर 20,000 करोड़ रुपए की बचत (या 50 अरब यूनिट बिजली की बचत) होगी। दूसरी योजना राष्‍ट्रीय ऊर्जा दक्ष पंखा कार्यक्रम के तहत 50 वाट का ऊर्जा दक्ष सीलिंग फैन 60 रुपए प्रति माह या 1250 रुपए एक बार भुगतान पर उपलब्‍ध कराया जाएगा। इन पंखों का निर्माण घरेलू कंपनियों ऊषा और बजाज द्वारा किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इन पंखों के इस्‍तेमाल से एक साल में 700 करोड़ रुपए के बिजली बिल की बचत होगी। सरकार कहा कहना है कि एक उपभोक्‍ता दो साल में बिजली बिल में बचत के जरिये इस पंखे की लागत वसूल कर सकते हैं।

ऊर्जा दक्ष उपकरणों से होगी बिजली की बचत

वर्ल्‍ड रिसोर्सेस इंस्‍टीट्यूट की 2013 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कुल बिजली खपत का 39 फीसदी उपयोग घरों में होता है। यदि अगले तीन साल तक भारत में ऊर्जा दक्ष घरेलू उपकरण खरीदे जाएं तो भारत 25,000 मेगावाट की नई क्षमता जरूरत को कम कर सकता है।

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