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पीएम मोदी Covid-19 प्रभावित अर्थव्‍यवस्‍था पर आज करेंगे अर्थशास्त्रियों से चर्चा, बजट-2021 पर होगा फोकस

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jan 08, 2021 08:18 am IST,  Updated : Jan 08, 2021 08:21 am IST

इनके अलावा बैठक में शीर्ष अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ जैसे अरविंद पनगढ़िया, केवी कामत, राकेश मोहन, शंकर आचार्य, शेखर शाह, अरविंद विरमानी तथा अशोक लाहिड़ी भी शामिल होंगे।

PM Modi to interact with leading economists on Friday- India TV Hindi
PM Modi to interact with leading economists on Friday Image Source : PTI

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रमुख अर्थशास्त्रियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ आज आगामी आम बजट पर चर्चा करेंगे। इस वर्चुअल बैठक का आयोजन नीति आयोग ने किया है। बैठक में कोविड-19 महामारी की वजह से कई मोर्चों पर पैदा हुई अनिश्चितता के बीच उन उपायों पर चर्चा होगी, जिन्हें बजट में शामिल कर वृद्धि को प्रोत्साहन दिया जा सकता है। बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कान्त भी शामिल होंगे।

इनके अलावा बैठक में शीर्ष अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ जैसे अरविंद पनगढ़िया, केवी कामत, राकेश मोहन, शंकर आचार्य, शेखर शाह, अरविंद विरमानी तथा अशोक लाहिड़ी भी शामिल होंगे। एक सरकारी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि प्रधानमंत्री शुक्रवार को अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक करेंगे और उनसे अगले बजट पर विचार लेंगे। आम बजट एक फरवरी, 2021 को पेश किए जाने की संभावना है।

2020-21 में अर्थव्यवस्था में आएगी 7.7 प्रतिशत की गिरावट

कोविड-19 महामारी के गहरे असर के परिणामस्वरूप देश की अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष (2020-21) में 7.7 प्रतिशत गिरावट का अनुमान है। इससे पिछले वर्ष 2019-20 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 4.2 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। मुख्य रूप से विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के खराब प्रदर्शन की वजह से अर्थव्यवस्था में गिरावट आने का अनुमान है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा गुरुवार को जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमान में कहा गया है कि कृषि और जनउपयोगी सेवाओं मसलन बिजली और गैस आपूर्ति को छोड़कर अर्थव्यस्था के लगभग सभी क्षेत्रों में गिरावट आने का अनुमान है। एनएसओ के अनुसार, 2020-21 में स्थिर मूल्य (2011-12) पर वास्तविक जीडीपी या जीडीपी 134.40 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2019-20 में जीडीपी का शुरुआती अनुमान 145.66 लाख करोड़ रुपये रहा है। इस लिहाज से 2020-21 में वास्तविक जीडीपी में अनुमानत: 7.7 प्रतिशत की गिरावट आएगी, जबकि इससे पिछले साल जीडीपी में 4.2 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी।

भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी। विश्वबैंक ने अपने ताजा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9.6 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है। इसी तरह आईएमएफ का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 10.3 प्रतिशत की गिरावट आएगी। मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 10.6 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है।

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