नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने शीर्ष 500 कंपनियों में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के पद को अलग-अलग करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। सेबी ने इस समय-सीमा को दो साल आगे बढ़ा दिया है। चेयरमैन और प्रबंध निदेशक का पद अलग-अलग करने वाले नियम अब 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी होंगे।
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कंपनियों की मांग और सुस्त अर्थव्यवस्था के इस दौर में अनुपालन लागत बढ़ने को ध्यान में रखते हुए सेबी ने सोमवार को शीर्ष 500 कंपनियों में चेयरमैन और प्रबंध निदेश के पद को अलग-अलग करने के नियमों को लागू करने की तारीख दो साल के लिए आगे बढ़ाई है।
सेबी के नियमों के तहत बाजार पूंजीकरण के हिसाब से शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों को चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (एमडी) या मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पदों को अलग-अलग करना अनिवार्य किया गया है। यह नियम एक अप्रैल, 2020 से प्रभावी होने थे।
सेबी ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि अब सेबी का यह नियम 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी होगा। हालांकि, अधिसूचना में ऐसा किए जाने का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि कॉरपोरेट्स की मांग पर यह निर्णय लिया गया है। इसके पीछे एक वजह मौजूदा आर्थिक सुस्ती में अनुपालन बोझ को कम करना भी है।