नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पंजीकरण करने वाली अपनी एजेंसियों को धोनी-पंजीकरण जैसी घटना के प्रति सतर्क किया है। प्राधिकरण ने एजेंसियों से कहा है कि वह बड़ी हस्तियों के साथ सेल्फी खिंचवाने अथवा उनसे जुड़ी आधार जानकारी को अपने पास रखने से बचें। आपको बता दें कि धोनी प्रकरण के बाद UIDAI ने ग्रामीण क्षेत्र की उस एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जिसने धोनी का पंजीकरण कर उसकी आधार जानकारी को लीक कर दिया।
UIDAI के सीईओ अजय भूषण पांडे कहते है कि
हमने अपनी सभी एजेंसियों और संचालकों को इस तरह की जानी मानी हस्तियों का आधार पंजीकरण करते समय पूरी सावधानी बरतने को कहा है। एजेंसियों से कहा गया है कि वह कड़ाई से नियमों का पालन करें और अपनी पसंद-नापसंद को आधिकारिक कामकाज से अलग रखें इस दौरान हस्तियों के साथ सेल्फी लेने से बचा जाना चाहिए।
धोनी के आधार कार्ड की घटना के बाद दिए नए निर्देश
- एजेंसियों से कहा गया है कि वह व्यक्तिगत वरीयताओं को आधिकारिक कार्य से अलग रखें। UIDAI की तरफ से उसकी पंजीकरण एजेंसियों को यह निर्देश भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एम एस धोनी की आधार जानकारी सार्वजनिक होने की घटना सामने आने के बाद जारी किया गया है।
- इस घटना के बाद UIDAI ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुये संबंधित एजेंसी पर रोक लगादी और कामकाज से अलग कर दिया। यूआईएडीआई ने इसके बाद अपने क्षेत्रीय कार्यालयों से संपर्क साधते हुये उन्हें सख्ती से नियमों का पालन करने का निर्देश दिया।
113 करोड़ आधार पहचान कार्ड हुए जारी
- नए आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक 113 करोड़ आधार पहचान कार्ड जारी किये जा चुके हैं। आधार प्लेटफार्म पर अब तक 100 करोड़ ई-केवाईसी निकाले जा चुके हैं।