नई दिल्ली। भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने भारती एयरटेल को कुछ कड़ी शर्तों के साथ अपने दूरसंचार ग्राहकों का e-KYC सत्यापन करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, प्राधिकरण ने एयरटेल पेमेंट्स बैंक के बारे में e-KYC निलंबन के आदेश को कायम रखा है। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी को UIDAI से कुछ शर्तों के साथ यह राहत मिल गई है, जबकि कंपनी ने अपने ग्राहकों के 55.63 लाख मूल खातों में 138 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) फिर से स्थानांतरित कर दिया है।
UIDAI ने इस बारे में अपना दूसरा अंतरिम आदेश जारी किया। प्राधिकरण ने ग्राहकों की सुविधा के मद्देनजर यह कदम उठाया है क्योंकि उच्चतम न्यायालय द्वारा मोबाइल सिम सत्यापन की 31 मार्च की समयसीमा भी पास आ रही है। प्राधिकरण इस मुद्दे पर भारतीय रिजर्व बैंक और दूरसंचार विभाग से इस बारे में 10 जनवरी को रिपोर्ट मिलने के बाद राय बनाएगा। UIDAI ने रिजर्व बैंक और दूरसंचार विभाग दोनों से भारती एयरटेल की प्रणाली, प्रक्रियाओं, एप्लिकेशंसन, डॉक्यूमेंटेशन का ऑडिट करने को कहा है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कंपनी अपनी लाइसेंस शर्तों का अनुपालन कर रही है।
सूत्र ने कहा कि UIDAI ने एयरटेल पेमेंट्स बैंक को अगले नोटिस तक e-KYC के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी है। एयरटेल पर लगाई गई शर्तों के अनुसार कंपनी को 24 घंटे में अपने ग्राहकों को यह संदेश भेजना होगा कि उनके DBT खातों को मूल बैंक खाते में बदल दिया गया है।



































