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एसोचैम ने कहा : बिना तैयारियों के किया गया नोटबंदी का क्रियान्‍वयन, असंगठित क्षेत्र में आई बेरोजगारी

एसोचैम ने कहा कि FMCG, आभूषण तथा SME जैसे अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र नोटबंदी से प्रभावित हुए हैं वहीं बड़ी संख्‍या मेंलोगों की नौकरी भी चली गई है

Manish Mishra
Published : Dec 11, 2016 03:59 pm IST, Updated : Dec 11, 2016 04:00 pm IST
एसोचैम ने कहा : बिना तैयारियों के किया गया नोटबंदी का क्रियान्‍वयन, असंगठित क्षेत्र में आई भारी बेरोजगारी- India TV Paisa
एसोचैम ने कहा : बिना तैयारियों के किया गया नोटबंदी का क्रियान्‍वयन, असंगठित क्षेत्र में आई भारी बेरोजगारी

नई दिल्‍ली। उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा कि FMCG, आभूषण तथा SME जैसे अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र नोटबंदी से प्रभावित हुए हैं वहीं बड़ी संख्‍या में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की नौकरी चली गई है। एसोचैम के अध्यक्ष सुनील कनोडि़या ने कहा कि नोटबंदी को बिना तैयारियों के क्रियान्वित किया गया। संभवत: इसके प्रभाव तथा चुनौतियों के बारे में ठीक से समझ नहीं बनाई गई।

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एसोचैम के अध्‍यक्ष ने कहा

नोटबंदी के लिए काफी काम किए जाने की जरूरत थी। जिस तरीके से इसे क्रियान्वित किया गया है, मुझे भरोसा है कि प्रधानमंत्री भी इससे खुश नहीं होंगे। उन्‍होंने कहा कि नोटबंदी से मौजूदा परिदृश्य प्रभावित होगा। इसका असर देश के GDP पर भी होगा।

आभूषण कंपनियों सबसे अधिक हुई हैं प्रभावित

  • सरकार द्वारा 500 और 1,000 का नोट बंद करने के बाद से जमीनी हालात पर कनोडि़या ने कहा कि आभूषण कंपनियों पर इसका सबसे अधिक असर हुआ है।
  • कंज्‍यूमर गुड्स सेक्‍टर और SME भी इससे प्रभावित हुए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इससे मौजूदा और अगली तिमाही में कंपनियों की आमदनी प्रभावित होगी, कनोडि़या ने कहा कि कुछ कारोबार जो सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ा है निश्चित रूप से इससे प्रभावित होगा।
  • कनोडि़़या ने जोर देकर कहा है कि नोटबंदी के वांछित नतीजे हासिल करने के लिए बड़े कर सुधारों की जरूरत है।
  • विशेषरूप से कालेधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश की दृष्टि से।
  • उन्‍होंने कहा कि आगामी बजट सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण साबित होगा।
  • कनोडि़या ने कहा कि सरकार को कर दरों को इस हद तक कम करना होगा जिससे काले धन का सृजन करने वाले लोगों को हतोत्साहित किया जा सके।

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आयकर में छूट की सीमा बढ़ाए जाने की मांग

  • कनोडि़़या ने कहा कि आयकर छूट की सीमा को 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपए किया जाना चाहिए।
  • इसी तरह 15 से 20 लाख रुपए की आय पर 10 प्रतिशत की दर से कर लगना चाहिए।
  • कनोडि़या ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) की औसत दर को 18 से 15 प्रतिशत किया जाना चाहिए।

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