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5000 से ज्यादा उड़ानें रद्द... IndiGo पर मंडरा रहे संकट के नए बादल, एयरलाइन पर एंटीट्रस्ट जांच की आहट तेज!

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Dec 10, 2025 08:46 am IST,  Updated : Dec 10, 2025 08:46 am IST

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस महीने अब तक 5000 से अधिक उड़ानों के रद्द होने और हजारों यात्रियों के फंसे रहने के बाद अब एयरलाइन पर नई मुसीबत की आहट सुनाई दे रही है।

नए संकट के घेरे में IndiGo- India TV Hindi
नए संकट के घेरे में IndiGo Image Source : PTI

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के ऊपर संकट का नया दौर मंडराने लगा है। दिसंबर में ही 5000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द होने और हजारों यात्रियों के एयरपोर्ट पर फंसे रहने के बाद अब कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) एयरलाइन पर एंटीट्रस्ट जांच करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, यह जांच यह पता लगाने के लिए हो सकती है कि क्या इंडिगो ने अपने बाजार में वर्चस्व का गलत इस्तेमाल किया और यात्रियों के लिए सेवाओं में बाधा डाली या उन्हें अनुचित शर्तें लगाईं।

सूत्रों ने बताया कि कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) इस मामले पर करीब से नजर रख रही है और जल्द ही यह तय करेगी कि अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों की जांच शुरू की जाए या नहीं। वहीं, भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस संकट की व्यापक जांच का नेतृत्व कर रहा है।

घरेलू एयरलाइन मार्केट में इंडिगा का 65% हिस्सा

देश में घरेलू एयरलाइन मार्केट का लगभग 65% हिस्सा कंट्रोल करने वाली इंडिगो को पायलटों के लिए लागू नए आराम नियमों को सही तरीके से लागू न कर पाने के कारण भारी क्रू शॉर्टेज का सामना करना पड़ा। इस वजह से दिसंबर के पहले हफ्तों में 5000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गईं। एयरलाइन को कुल 2422 कैप्टन्स की जरूरत थी, लेकिन उसके पास केवल 2357 थे।

शो-कॉज नोटिस

DGCA ने इंडिगो के सीईओ Pieter Elbers और सीओओ Isidre Porqueras को नोटिस भेजा था और 24 घंटे में जवाब देने को कहा था। लेकिन एयरलाइन ने कहा कि उनका नेटवर्क बहुत बड़ा और पेचीदा है, इसलिए तुरंत जवाब देना मुश्किल है। इसलिए उन्होंने DGCA से 15 दिन का समय मांगा, जो नियमों के तहत सही है।

धारा 4 के तहत प्रतिबंध

कॉम्पिटिशन एक्ट की धारा 4 के मुताबिक, कोई भी बड़ी या प्रमुख कंपनी यह नहीं कर सकती कि वह अपने फायदे के लिए अनुचित या भेदभावपूर्ण नियम बनाए, किसी सेवा या उत्पाद की आपूर्ति में बाधा डाले, या ग्राहकों पर अनुचित शर्तें थोपे। अगर CCI को शुरुआती जांच में लगे कि कंपनी ऐसा कर रही है, तो वह पूरी तरह से जांच शुरू करने का आदेश दे सकती है।

पहले भी फंस चुकी है इंडिगो

इंडिगो पहले भी एंटीट्रस्ट जांच के घेरे में आ चुकी है। हालांकि, 2015 और 2016 में दर्ज दो मामलों एक पर्सनल शिकायत (यात्रियों पर अनुचित शर्तें लगाने को लेकर) और दूसरा एयर इंडिया की शिकायत (भर्ती में अपमानजनक तरीके) को CCI ने खारिज कर दिया था।

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