आईटी सेक्टर के कर्मचारियों के संगठन NITES ने सोमवार को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में यौन उत्पीड़न की रोकथाम नियमों के अनुपालन का विस्तृत ऑडिट कराने की मांग की। इसके अलावा, संगठन ने महाराष्ट्र में आईटी और आईटीईएस कंपनियों, खासकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए राज्य स्तर पर व्यापक ऑडिट की भी वकालत की है। देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टीसीएस के नासिक ऑफिस में हिंदू धर्म की 8 महिला कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए जाने के बाद ये मांग उठी है।
NITES ने केंद्रीय मंत्री से की समयबद्ध और व्यापक जांच की मांग
नैसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (NITES) ने केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को लिखी चिट्ठी में इस मामले की समयबद्ध और व्यापक जांच के निर्देश देने की अपील की है। संगठन ने कंपनी में आंतरिक शिकायत समितियों के गठन, उनकी स्वतंत्रता और कार्यप्रणाली की समीक्षा के साथ पिछले सालों में दर्ज सभी शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की जांच की मांग की है। संगठन ने ये भी कहा कि ये जांच होनी चाहिए कि क्या कर्मचारियों को शिकायत दर्ज करने से हतोत्साहित किया गया या उन्हें किसी तरह की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
टीसीएस ने सभी आरोपियों को कंपनी से किया निलंबित
इस बीच, टाटा ग्रुप और देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस ने बयान में कहा कि वो किसी भी तरह के उत्पीड़न को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करती है और मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित कर्मचारियों को कंपनी से निलंबित कर दिया गया है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि TCS नासिक में लगे आरोप बेहद चिंताजनक हैं और उन्होंने एक सीनियर अधिकारी द्वारा जांच के आदेश दिए हैं। कंपनी ने ये भी कहा कि वो इस जांच में स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग कर रही है। पिछले हफ्ते पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। मामले में अभी तक टीसीएस के 7 मु्स्लिम कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मानव संसाधन (HR) विभाग की एक महिला मैनेजर भी शामिल है।