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DIIs ने 4 महीनों में भारतीय शेयर बाजार में झोंक दिए ₹3,00,000 करोड़; विदेशी निवेशक भी रह गए हैरान!

 Written By: Shivendra Singh
 Published : May 07, 2026 07:28 am IST,  Updated : May 07, 2026 07:29 am IST

भारतीय शेयर बाजार में इस साल एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिल रही है। जहां विदेशी निवेशक (FII) लगातार पैसा निकाल रहे हैं, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार में रिकॉर्ड खरीदारी कर सबको चौंका दिया है।

भारतीय बाजार पर DII का...- India TV Hindi
भारतीय बाजार पर DII का कब्जा! Image Source : CANVA

एक तरफ विदेशी निवेशक (FII) लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने बाजार में रिकॉर्ड खरीदारी कर सबको चौंका दिया है। साल 2026 के सिर्फ शुरुआती चार महीनों में ही DII ने भारतीय शेयर बाजार में ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश कर दिया। यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि अभी साल खत्म होने में आठ महीने बाकी हैं। बाजार में भारी उतार-चढ़ाव, अमेरिका-ईरान-इजरायल तनाव, महंगे कच्चे तेल और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय निवेशकों का भरोसा कमजोर नहीं पड़ा है। यही वजह है कि म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, बैंक और रिटायरमेंट फंड लगातार बाजार में पैसा लगा रहे हैं।

जनवरी से मई तक लगातार बढ़ता रहा निवेश

आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 में DII ने ₹69,220 करोड़ का निवेश किया। फरवरी में यह आंकड़ा ₹39,702 करोड़ रहा। मार्च में रिकॉर्ड तेजी दिखी और करीब ₹1.4 लाख करोड़ बाजार में झोंक दिए गए। अप्रैल में ₹43,892 करोड़ और मई में अब तक ₹14,204 करोड़ का निवेश हो चुका है। इन निवेशों ने बाजार को उस समय सहारा दिया जब विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे थे। 2026 में अब तक FII करीब ₹2 लाख करोड़ की बिकवाली कर चुके हैं।

क्यों बढ़ रहा है DII का भरोसा?

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय निवेशक अब शेयर बाजार को लंबी अवधि की संपत्ति बनाने का जरिया मानने लगे हैं। SIP, NPS और EPFO जैसे माध्यमों से हर महीने बड़ी रकम बाजार में आ रही है। यही कारण है कि बाजार में गिरावट आने के बावजूद घरेलू निवेशकों का भरोसा नहीं डगमगा रहा।

लगातार तीसरे साल रिकॉर्ड निवेश

यह पहली बार नहीं है जब DII ने इतनी बड़ी खरीदारी की हो। 2025 में DII ने रिकॉर्ड ₹7.75 लाख करोड़ का निवेश किया था, जो किसी भी एक साल का सबसे बड़ा आंकड़ा था। वहीं 2024 में ₹5.23 लाख करोड़ का निवेश हुआ था। इसके मुकाबले 2022 में DII निवेश ₹2.76 लाख करोड़ और 2023 में ₹1.82 लाख करोड़ रहा था। यानी पिछले कुछ वर्षों में भारतीय निवेशकों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।

फिर भी क्यों गिर रहे हैं बाजार?

दिलचस्प बात यह है कि भारी घरेलू निवेश के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी 2026 में अब तक करीब 8.5 प्रतिशत नीचे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की बिकवाली और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI), PMS और AIF फंड्स की कमजोर खरीदारी है। हालांकि, DII की मजबूत खरीदारी ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में अहम भूमिका निभाई है।

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