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Form-121 को लेकर EPFO ने दूर किया कन्फ्यूजन, जानिए किन हालातों में यह फॉर्म भरना है अनिवार्य?

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Apr 15, 2026 01:47 pm IST,  Updated : Apr 15, 2026 01:47 pm IST

EPFO ने फॉर्म-121 को लेकर फैले कन्फ्यूजन को साफ कर दिया है। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं, जिसके बाद अब पुराने फॉर्म-15G और 15H की जगह सिर्फ फॉर्म-121 का इस्तेमाल किया जाएगा।

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EPF वालों के लिए बड़ा अपडेट! Image Source : EPFO

देशभर के EPF खाताधारकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने नया नियम लागू करते हुए Form-15G और 15H को हटाकर एक नया फॉर्म-121 शुरू कर दिया है। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है। नए नियमों के बाद कई लोगों के मन में सवाल था कि क्या अब सभी को यह फॉर्म भरना होगा? EPFO ने अब इस कन्फ्यूजन को पूरी तरह साफ कर दिया है।

क्या है फॉर्म-121?

फॉर्म-121 एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है, जिसे टैक्सपेयर्स अपनी आय के बारे में जानकारी देने के लिए भरते हैं। इसका मकसद यह बताना होता है कि उनकी कुल सालाना आय टैक्स के दायरे में नहीं आती। अगर कोई व्यक्ति इस फॉर्म को जमा करता है, तो उसके कुछ इनकम सोर्स पर TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) नहीं काटा जाएगा। यह फॉर्म EPFO, बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों को दिया जाता है।

15G और 15H की जगह आया नया फॉर्म

पहले 60 साल से कम उम्र के लोग Form 15G और 60 साल से ऊपर के लोग Form 15H भरते थे। लेकिन अब इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होने के बाद इन दोनों फॉर्म को खत्म कर दिया गया है और उनकी जगह एक ही फॉर्म-121 लाया गया है। इससे प्रक्रिया आसान हो गई है और अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत खत्म हो गई है।

क्या सभी के लिए जरूरी है फॉर्म-121?

EPFO ने साफ किया है कि फॉर्म-121 भरना हर किसी के लिए जरूरी नहीं है। यह फॉर्म केवल उन्हीं लोगों के लिए है जिनकी कुल आय टैक्सेबल लिमिट से कम है या जो TDS कटने से बचना चाहते हैं। अगर आपकी आय टैक्स के दायरे में आती है, तो आपको यह फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है।

हर फॉर्म को मिलेगा यूनिक नंबर (UIN)

EPFO के अनुसार, जो भी Form 121 जमा किया जाएगा, उसे एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) दिया जाएगा। इसमें टैक्स ईयर, सीक्वेंस नंबर और TAN जैसी जानकारी शामिल होगी। इससे ट्रैकिंग आसान हो जाएगी।

पुराने फॉर्म का क्या होगा?

अगर किसी ने 1 अप्रैल 2026 के बाद भी फॉर्म 15G या 15H के साथ क्लेम जमा किया है, तो उसे तुरंत खारिज नहीं किया जाएगा। हालांकि, EPFO ऐसे मामलों में संबंधित सदस्य से फॉर्म 121 जमा कराने को कहेगा।

नया फॉर्म होगा स्मार्ट और आसान

फॉर्म-121 को पहले से ज्यादा आसान और डिजिटल बनाया गया है। इसमें कई स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं जैसे ऑटो-फिल डिटेल्स, रियल-टाइम वेरिफिकेशन, ड्रॉपडाउन ऑप्शन, API और डेटाबेस इंटीग्रेशन। इन सुविधाओं से फॉर्म भरना अब पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

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