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अर्थव्यवस्था के मोर्च पर मामूली राहत, अनुमान से कम रहा राजकोषीय घाटा

2020-21 के लिए केंद्र सरकार के लेखा महानियंत्रक (CGA) ने राजस्व-व्यय के आंकड़ों को पेश यह जानकारी दी।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published : May 31, 2022 04:56 pm IST, Updated : May 31, 2022 04:56 pm IST
Indian Economy- India TV Paisa
Photo:FILE

Indian Economy

Highlights

  • 2021-22 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6.71%
  • बजट अनुमानों में राजको​षीय घोटे के लिए 6.9 प्रतिशत का अनुमान था
  • खा महानियंत्रक (CGA) ने राजस्व-व्यय के आंकड़ों में यह जानकारी दी

अर्थव्यवस्था को लेकर मामूली ही स​ही लेकिन राहत भरी खबर है। देश का राजको​षीय घाटा बजट अनुमानों से कम रहा है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वित्त मंत्रालय द्वारा संशोधित बजट अनुमानों में राजको​षीय घोटे के लिए 6.9 प्रतिशत का अनुमान व्यक्त किया था। जबकि, 2021-22 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6.71 प्रतिशत है। सरकार की ओर से मंगलवार को यह आंकड़ा जारी किया गया है।

2020-21 के लिए केंद्र सरकार के लेखा महानियंत्रक (CGA) ने राजस्व-व्यय के आंकड़ों में यह जानकारी दी। 

  • राजकोषीय घाटा 15,86,537 करोड़ रुपये (अनंतिम) 
  • राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.71%
  • राजकोषीय घाटे का अनुमान 6.9%
  • राजस्व घाटा 4.37 प्रतिशत 

पहले था यह अनुमान 

पिछले वित्त वर्ष के लिए, सरकार ने फरवरी 2021 में पेश किए गए बजट में शुरू में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद का 6.8 प्रतिशत आंका था। सरकार ने 2022-23 के बजट में संशोधित अनुमानों में सकल घरेलू उत्पाद के 6.9 प्रतिशत या मार्च में समाप्त वित्त वर्ष के लिए 15,91,089 करोड़ रुपये के उच्च राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया है।

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