साल 2025 भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए उम्मीद और चेतावनी दोनों का साल साबित हुआ। जहां एक ओर कुछ नई कंपनियों ने आईपीओ के जरिए बाजार में मजबूत एंट्री की, वहीं दूसरी ओर कई चर्चित स्टार्टअप्स को हमेशा के लिए शटर डाउन करना पड़ा। Inc42 की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में करीब 25 भारतीय स्टार्टअप्स ने अपना कारोबार बंद किया। फंडिंग की कमी, रेगुलेटरी सख्ती और बदलते बाजार ट्रेंड्स इनके पतन की बड़ी वजह बने। इनमें Hike, BluSmart, Otipy, Beepkart और Crickpe जैसे पांच बड़े नाम शामिल हैं, जिनका बंद होना पूरे सेक्टर के लिए झटका साबित हुआ।
1. Hike
Hike इस लिस्ट का सबसे चर्चित नाम है। 2012 में लॉन्च हुए इस मैसेजिंग ऐप को कभी WhatsApp का देसी ऑप्शन माना जाता था और यह 100 मिलियन से ज्यादा यूजर्स तक भी पहुंची थी। हालांकि बाद में कंपनी ने मैसेजिंग छोड़कर गेमिंग की ओर रुख किया। लेकिन भारत में रियल-मनी गेमिंग पर सख्त नियमों और रेगुलेटरी अनिश्चितता के चलते सितंबर 2025 में Hike को पूरी तरह बंद करना पड़ा।
2. BluSmart
BluSmart, अप्रैल 2025 में अचानक सुर्खियों में आया वो गलत वजह से। को-फाउंडर पर वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू होने के बाद कंपनी ने राइड्स सस्पेंड कर दीं। कुछ ही महीनों में इनसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स शुरू हो गईं। कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिली और यूजर्स के पैसे वॉलेट में फंस गए। आपको बता दें कि BluSmart इलेक्ट्रिक व्हीकल राइड-हेलिंग सेगमेंट में Uber को कड़ी चुनौती दे रहा था।
3. Otipy
फार्म-टू-कंज्यूमर ग्रॉसरी का ये स्टार्टअप फंडिंग की कमी का शिकार हुआ। मई 2025 में कंपनी ने ऑपरेशंस बंद कर दिए। क्विक कॉमर्स के बढ़ते कॉम्पिटिशन और नई फंडिंग न जुटा पाने की वजह से 300 से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी चली गई और वेंडर्स के करोड़ों रुपये फंस गए।
4. Beepkart
Beepkart सेकेंड हैंड टू-व्हीलर मार्केटप्लेस में तेजी से उभर रहा था, लेकिन अगस्त 2025 में बंद हो गया। 18 मिलियन डॉलर की फंडिंग के बावजूद बाजार में सैचुरेशन और निवेश की कमी ने इसकी रफ्तार रोक दी।
5. Crickpe
Crickpe एक फैंटसी क्रिकेट प्लेटफॉर्म था, जो अश्नीर ग्रोवर की थर्ड यूनिकॉर्न का पहला प्रोडक्ट था। फरवरी 2025 में बंद होने की खबर आई, हालांकि ऑपरेशंस 2024 के अंत में रुक गए। 28% GST और गेमिंग को जुआ मानने की वजह से कारोबार बंद किया। ग्रोवर ने कहा कि गेमिंग स्पेस में गैंबलिंग का कनेक्शन हमें पसंद नहीं।
कुल मिलाकर, 2025 ने साफ कर दिया कि सिर्फ आइडिया और फंडिंग काफी नहीं है। मजबूत रेगुलेटरी समझ, टिकाऊ बिजनेस मॉडल और भरोसेमंद गवर्नेंस के बिना स्टार्टअप्स के लिए टिके रहना मुश्किल होता जा रहा है।