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सिल्वर बार के आयात पर सरकार की सख्ती, प्रतिबंधित श्रेणी में डाला, इंपोर्ट के लिए सरकारी अनुमति जरूरी

 Edited By: Shakti Singh
 Published : May 16, 2026 09:12 pm IST,  Updated : May 16, 2026 09:13 pm IST

सिल्वर बार को प्रतिबंधित श्रेणी में डाले जाने के बाद इसका आयात करना आसान नहीं होगा। अब इसके लिए लाइसेंस या सरकार की अनुमति लेनी होगी। सरकार चांदी के आयात पर निगरानी रखना चाहती है।

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सिल्वर बार Image Source : AI GENERATED IMAGE

भारत सरकार ने चांदी के आयात पर सख्ती करते हुए इसे प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। डीजीएफटी (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड) ने चांदी की सिल्वर बार के आयात नियम बदल दिए हैं। अब कुछ तरह के सिल्वर बार विदेश से आसानी से आयात नहीं किए जा सकेंगे। सरकार ने आयात की श्रेणी “फ्री” से बदलकर “रिस्ट्रिक्टेड” कर दी है। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। 99.9% या उससे ज्यादा शुद्ध चांदी वाले सिल्वर बार इस नियम के दायरे में आएंगे। अब ऐसी चांदी मंगाने के लिए सरकारी मंजूरी या लाइसेंस की जरूरत पड़ सकती है। आरबीआई के नियमों के तहत पहले सिल्वर बार का आयात आसानी से किया जा सकता था। 

सरकार का मकसद चांदी के आयात पर ज्यादा निगरानी रखना है। इसी वजह से इसे प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। कीमती धातुओं पर भारी सीमा शुल्क लगाने के कुछ ही दिनों बाद यह कदम उठाया गया है। प्रतिबंधित श्रेणी के अंतर्गत आने वाली वस्तुओं के आयात के लिए सरकारी लाइसेंस की आवश्यकता होती है। सरकार ने 13 मई को कीमती धातुओं पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा कि सोने और प्लैटिनम के साथ मिलाई जाने वाली चांदी सहित चांदी की आयात नीति को तत्काल प्रभाव से मुक्त से प्रतिबंधित श्रेणी में कर दिया गया है।

अप्रैल में चांदी का आयात 157 प्रतिशत उछला

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में चांदी का आयात 157.16 प्रतिशत बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर हो गया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार आयात शुल्क बढ़ने से इस साल सोने और चांदी के आयात पर असर पड़ेगा और इनमें कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि चांदी का औद्योगिक उपयोग अधिक होने के कारण उस पर शुल्क वृद्धि का असर अपेक्षाकृत कम हो सकता है। ऊंची कीमतों के कारण पिछले वित्त वर्ष में चांदी का आयात लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर हो गया। मात्रा के लिहाज से यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन रहा। अप्रैल में सोने और चांदी के आयात में बढ़ोतरी से देश का व्यापार घाटा बढ़कर तीन महीने के उच्चस्तर 28.38 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

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