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सरकार ने बीते 10 साल में गरीबों के लिए 200 से ज्यादा स्कीम्स शुरू कीं, इस स्कीम ने सबसे बड़ी समस्या हल की

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Dec 20, 2024 11:16 pm IST, Updated : Dec 20, 2024 11:16 pm IST

सरकार ने सभी मोर्चों पर गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और इसके परिणामस्वरूप, पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। मल्होत्रा ​​ने बताया कि अकेले दिल्ली में 65 लाख पीएम जन धन खाते हैं, जिनमें कुल 3,114 करोड़ रुपये जमा हैं, साथ ही रुपे कार्ड के 50 लाख लाभार्थी हैं।

30 नवंबर, 2024 तक, देश भर में लगभग 36 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।- India TV Paisa
Photo:FILE 30 नवंबर, 2024 तक, देश भर में लगभग 36 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 10 वर्षों में गरीबों के लिए 200 से अधिक योजनाएं शुरू की हैं। सड़क, परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, मल्होत्रा ​​ने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) ने गरीबों को बैंकिंग इकोसिस्टम में लाकर उनकी सबसे बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है। मौजूदा समय में 54 करोड़ से अधिक अकाउंट्स हैं, जिनमें कुल जमा राशि लगभग 2. 39 लाख करोड़ रुपये है। जन धन योजना की शुरुआत से 15 गुना से ज्यादा की वृद्धि हुई है।

जन धन योजना सफल रही

खबर के मुताबिक, प्रधानमंत्री जन धन योजना खास तौर से ग्रामीण, अर्ध-शहरी क्षेत्रों और महिलाओं के बीच सफल रही है, जिसमें लगभग 66 प्रतिशत खाते इन क्षेत्रों से हैं। पीएमजेडीवाई खाताधारकों को 37.02 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे प्रति खाता औसत जमा राशि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, 14 अगस्त, 2024 तक जन धन खातों में औसत जमा राशि 4,352 रुपये थी।

10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए

मंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी मोर्चों पर गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और इसके परिणामस्वरूप, पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। मल्होत्रा ​​ने बताया कि अकेले दिल्ली में 65 लाख पीएम जन धन खाते हैं, जिनमें कुल 3,114 करोड़ रुपये जमा हैं, साथ ही रुपे कार्ड के 50 लाख लाभार्थी हैं। मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि पीएमजेडीवाई और जेएएम ट्रिनिटी की सफलता ने अधिक वित्तीय समावेशन लाया है, नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच प्रदान की है, साथ ही पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है।

 उन्होंने कहा कि 30 नवंबर, 2024 तक, देश भर में लगभग 36 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और इस योजना के तहत कुल 29,929 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, जिनमें 13,222 निजी अस्पताल शामिल हैं।

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