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सरकार ने Steel और आयरन ओर पर निर्यात शुल्क घटाया, जानिए और क्या हुए बदलाव

घरेलू स्टील की कीमत भी बढ़ रही है। दूसरी ओर विदेशी बाजारों में स्टील की कीमतें काफी कम है। इसका सीधा नुकसान भारतीय कंपनियों, ग्राहकों और स्टील एक्सपोटर्स को हो रहा था।

Edited By: Sachin Chaturvedi @sachinbakul
Published : Nov 19, 2022 02:16 pm IST, Updated : Nov 19, 2022 02:16 pm IST
steel export- India TV Paisa
Photo:FILE steel export

केंद्र सरकार ने स्टील उत्पादों और आयरन ओर पर निर्यात शुल्क में कटौती की है। यह कटौती शनिवार से प्रभाव में आएगी। यह शुल्क छह महीने पहले ही लगाया गया था। वित्त मंत्रालय ने इस बाबत शुक्रवार देर रात को अधिसूचना जारी की। इसमें बताया गया कि निर्दिष्ट पिग आयरन और इस्पात उत्पादों, लौह अयस्क छर्रों के निर्यात पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। 

और क्या हुए बदलाव 

कम लोहे वाले लौह अयस्क लम्प्स और फाइन्स (जिनमें लौह 58 फीसदी से कम है) पर भी निर्यात शुल्क शून्य किया गया है। वहीं, 58 प्रतिशत से अधिक लौह वाले लौह अयस्क लम्प्स और फाइन्स पर अब निर्यात शुल्क 30 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, इस्पात उद्योग में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले एन्थ्रेसाइट/पीसीआई, कोकिंग कोल और फेरोनिकेल पर आयात शुल्क बढ़ाकर 2.5 फीसदी कर दिया गया है, जबकि कोक और सेमी-कोक जिस पर शुल्क पहले शून्य था, अब इन पर इसे बढ़ाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। 

घटते निर्यात को देखकर एक्शन में सरकार

देश में स्टील का एक्सपोर्ट लगातार घट रहा है। वहीं घरेलू स्टील की कीमत भी बढ़ रही है। दूसरी ओर विदेशी बाजारों में स्टील की कीमतें काफी कम है। इसका सीधा नुकसान भारतीय कंपनियों, ग्राहकों और स्टील एक्सपोटर्स को हो रहा था। इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की वित्त मंत्री निर्मला सीतारण के साथ इस हफ्ते की शुरुआत में मुलाकात हुई थी जिसमें राजस्व सचिव निर्वाचित संजय मल्होत्रा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। इस बैठक के बाद शुल्क में कटौती का निर्णय लिया गया है। 

क्यों बढ़ाया था निर्यात शुल्क 

इससे पहले वित्त मंत्रालय ने मई में पिग आयरन और इस्पात उत्पादों पर निर्यात शुल्क ‘शून्य’ से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। इस कदम का उद्देश्य निर्यात को हतोत्साहित करना और दाम नीचे लाने के लिए घरेलू उपलब्धता को बढ़ाना था। 

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