ट्रम्प प्रशासन ने H1B वीजा कार्यक्रम में व्यापक बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत वीजा चयन प्रक्रिया को इस तरह बदला जाएगा। कहा जा रहा है कि इस प्रस्ताव में उच्च-कुशल और बेहतर वेतन पाने वाले विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। AP के मुताबिक, यह जानकारी हाल ही में जारी हुए फेडरल रजिस्टर नोटिस में दी गई है। यह नया प्रस्ताव मंगलवार को जारी हुआ है, जो पिछले शुक्रवार को व्हाइट हाउस द्वारा H-1B वीजा पर $100,000 की नई वार्षिक फीस लगाने की घोषणा के बाद सामने आया है। H-1B वीजा तकनीकी और आउटसोर्सिंग कंपनियों के लिए कुशल विदेशी श्रमिकों को भर्ती करने का प्रमुख माध्यम माना जाता है।
ज्यादा वेतन वालों को मिलेगी प्राथमिकता
खबर के मुताबिक, नोटिस में कहा गया कि अगर किसी वित्तीय वर्ष में वीजा आवेदनों की संख्या अधिक हो और 85,000 की कानूनी सीमा पार कर जाए, तो उन नियोक्ताओं के आवेदनों को अधिक महत्व दिया जाएगा जो अपने कर्मचारियों को ज्यादा वेतन देते हैं। इसका मुख्य मकसद अमेरिकी श्रमिकों को विदेशी कर्मचारियों से होने वाली अनुचित वेतन प्रतिस्पर्धा से बचाना है। आपको बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2017 में पद संभालने के बाद से ही आव्रजन नीतियों को सख्त करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इनमें बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई, नागरिकता नियमों में बदलाव और विशेष रूप से H-1B वीजा प्रोग्राम पर नियंत्रण शामिल है।
असमंजस की हो गई स्थिति
बीते शुक्रवार को व्हाइट हाउस की घोषणा के बाद बड़ी टेक कंपनियों ने वीजा धारकों को अमेरिका में रहने या जल्दी लौट आने की सलाह दी, जिससे वीजाधारकों में काफी असमंजस और घबराहट पैदा हो गई। बाद में व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि यह $100,000 की फीस केवल नए वीजा आवेदनों पर ही लागू होगी। वॉल स्ट्रीट पर इस प्रस्ताव का असर नकारात्मक रहा है। अमेजन, जो सबसे अधिक H-1B वीजा जारी करने वाली कंपनी है, के शेयर पिछले पांच दिनों में लगभग 5 प्रतिशत गिर गए हैं।
प्रस्तावित नियमों को आखिरी रूप देने में लगेगा वक्त
बीते मंगलवार को जारी प्रस्तावित नियमों के तहत, अगर वीजा की मांग आपूर्ति से अधिक होगी तो वर्तमान लॉटरी प्रक्रिया को खत्म कर वेतन आधारित चयन प्रक्रिया लागू की जाएगी। इसमें उच्च वेतन पाने वाले पदों को प्राथमिकता मिलेगी। यह नियम अभी प्रस्तावित अवस्था में है और इसे आखिरी रूप देने में महीनों या साल भी लग सकते हैं। नोटिस में संकेत दिया गया है कि ये नए नियम 2026 के लॉटरी सत्र से लागू हो सकते हैं, जो मार्च के पहले सप्ताह में रजिस्ट्रेशन शुरू होने से पहले होंगे।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026 में H-1B श्रमिकों को मिलने वाले कुल वेतन में लगभग $502 मिलियन की वृद्धि होगी, जो आने वाले वर्षों में बढ़कर वित्तीय वर्ष 2029-2035 तक $2 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। डीएचएस ने चेतावनी भी दी है कि लगभग 5,200 छोटी कंपनियां जो वर्तमान में H-1B वीजा का उपयोग करती हैं, इस बदलाव के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं और उन्हें श्रम संकट का सामना करना पड़ सकता है।