महाराष्ट्र के होटल, ढाबे, उपहारगृह तथा औद्योगिक कैंटीन और खाद्य प्रसंस्करण-दुग्ध व्यवसाय क्षेत्र के लिए राहत देने वाला फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 20 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी (Commercial LPG) की सप्लाई की जाएगी। ये जानकारी महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने दी है। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 21 मार्च को दिए गए निर्देशों के अनुसार, पहले राज्य को 30 प्रतिशत आवंटन स्वीकृत था। अब 23 मार्च से अगले आदेश तक अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन बढ़ाया गया है, जिससे कुल गैस सप्लाई पूर्व-संकट स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
प्रवासी मजदूरों को भी मिलेगा लाभ
इस अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन में होटल, ढाबे, उपहारगृह, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण एवं दुग्ध व्यवसाय को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही राज्य सरकार या स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं द्वारा संचालित अनुदानित कैंटीन, कम्युनिटी किचन तथा प्रवासी मजदूरों की योजनाओं को भी लाभ मिलेगा। मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि इस फैसले से कमर्शियल एलपीजी की कमी के कारण परेशान होटल एवं उपहारगृह व्यवसायियों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, गैस प्राप्त करने के लिए संबंधित व्यवसायियों को तेल विपणन कंपनियों (OMCs) में पंजीकरण कराना तथा पीएनजी (PNG) के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा।
केरोसिन वितरण को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले
केंद्र के इस फैसले से राज्य के खाद्य व्यवसाय को बड़ी राहत मिलेगी तथा आपूर्ति श्रृंखला ज्यादा सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बीच, राज्य में केरोसिन वितरण के संबंध में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। लंबित परमिट नवीनीकरण को मंजूर मान लिया जाएगा तथा कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही वारिसों के नाम पर परमिट तत्काल हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन गांवों में खुदरा केरोसिन परमिट धारक उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे गांवों में राशन दुकानदार को खुदरा केरोसिन परमिट धारक मानकर उसे परमिट दिया जाएगा।
राज्य में खुदरा, हॉकर, अर्ध-थोक एवं थोक केरोसिन परमिट की मंजूरी, नवीनीकरण एवं वारिस के नाम हस्तांतरण के संबंध में दिनांक 20 मार्च के शासनादेश द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।