अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। ट्रंप ने इसके साथ ही, रूस के साथ व्यापार करने के लिए भारत पर अलग से पेनल्टी लगाने की भी घोषणा की है। यूक्रेन के साथ शुरू हुए युद्ध से पहले भारत अपने कुल आयातित कच्चे तेल का सिर्फ 0.2 प्रतिशत ही रूस से खरीदता था। हालांकि, अब भारत रूस से 35-40 प्रतिशत कच्चा तेल आयात कर रहा है। इसके साथ ही, रूसी कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता बढ़ गई है। बताते चलें कि एक समय ऐसा भी था जब भारत अपना अधिकांश तेल इराक और सऊदी अरब समेत पश्चिम एशियाई देशों से खरीदता था। हालांकि, फरवरी 2022 में रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद स्थिति बदल गई।
भारत ने रूस से छूट पर मिल रहे कच्चे तेल की जमकर खरीदारी की
चीन और अमेरिका के बाद दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कच्चे तेल के आयातक भारत ने छूट पर उपलब्ध रूसी तेल खरीदना शुरू कर दिया। पश्चिम में कुछ लोगों ने यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस को दंडित करने के साधन के रूप में रूस के कच्चे तेल को खरीदना बंद कर दिया था। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले भारत के आयात में रूस की बाजार हिस्सेदारी सिर्फ 0.2 प्रतिशत थी, लेकिन अब रूस इराक और सऊदी अरब को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर बन गया है। इसकी हिस्सेदारी एक समय में 40 प्रतिशत तक पहुंच गई थी।
जुलाई में भारत ने रूस से मंगवाया 36% कच्चा तेल
इस महीने, रूस ने भारत द्वारा आयातित कुल कच्चे तेल का 36 प्रतिशत आपूर्ति किया, जिससे पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बनाए जाते हैं। अमेरिका जाने वाले सभी भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ या टैक्स लगाने की घोषणा करते हुए, ट्रंप ने कहा कि भारत ‘हमेशा अपने अधिकांश सैन्य उपकरण रूस से खरीदता रहा है, और चीन के साथ, रूस का सबसे बड़ा ऊर्जा खरीदार है, जबकि हर कोई चाहता है कि रूस यूक्रेन में हत्याएं रोके।” उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “इसलिए भारत को 1 अगस्त से रूस के साथ व्यापार के लिए 25 प्रतिशत टैरिफ और जुर्माना देना होगा।”
जून 2022 में रूस ने रोजाना 11.2 लाख बैरल कच्चा तेल किया कच्चा तेल
वैश्विक रियल-टाइम डेटा और एनालिटिक्स प्रोवाइडर केप्लर के अनुसार, जनवरी, 2022 में भारत ने रूस से प्रतिदिन 68,000 बैरल कच्चा तेल खरीदा था। उस महीने, इराक से भारत का आयात 12.3 लाख बैरल प्रतिदिन और सऊदी अरब से 8,83,000 बैरल प्रतिदिन था। जून, 2022 में, रूस इराक को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया। उस महीने रूस ने भारत को रोजाना 11.2 लाख बैरल कच्चे तेल की सप्लाई की। जबकि इराक ने भारत को रोजाना 9,93,000 बैरल और सऊदी अरब ने 6,95,000 बैरल कच्चे तेल की सप्लाई की।



































