भारत ने संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग वाली (सर्कुलर) अर्थव्यवस्था को अपनाने के काम में तेजी लाने के लिए ग्लोबल प्लेटफॉर्म की वकालत की है। भारत का कहना है कि एक नया ग्लोबल प्लेटफार्म होना चाहिए, जो शहरों, शिक्षाविदों और टेक इनोवेटर्स को जोड़कर ऐसी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि‘सिटीज कॉलेशन फोर सर्कुलेरिटी’(सी3) प्लेटफॉर्म उस जयपुर घोषणा की भावना के अनुरूप हो सकता है, जिसे सोमवार को शुरू हुए एशिया और प्रशांत क्षेत्र में 12वें क्षेत्रीय थ्री आर और सर्कुलर इकनॉमी फोरम के समापन दिवस पर अपनाया जाएगा। खट्टर ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद थे।
सिटीज कोलिशन फोर सर्क्युलरिटी
खट्टर ने कार्यक्रम में कहा,‘‘आज इस प्लेटफॉर्म से भारत एक वैश्विक गठजोड़ का प्रस्ताव करता है जो शहरों, शिक्षाविदों और टेक इनोवेटर्स को जोड़ कर सर्कुलर अर्थव्यवस्था को गति देगा।' उन्होंने कहा,‘‘मैं सभी को इस पहल पर चर्चा और सहयोग के लिए आमंत्रित करता हूं, जिससे भागीदारी मजबूत होगी और प्रभावी समाधान सामने आएंगे।’’उन्होंने कहा,‘‘प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए मैं एक नये प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव रखता हूं और वह है सिटीज कोलिशन फोर सर्क्युलरिटी (सी3)।
थ्री आर
अभी हम थ्री आर (रेडयुज, रियूज, रिसाइकल) पर काम कर रहे हैं अब हम सी3 पर काम करेंगे जो ज्ञान, तकनीकी विशेषज्ञता और सर्वोत्तम व्यवहार को साझा करने के लिए एक बहु-हितधारक, बहु-राष्ट्रीय गठबंधन है। यह‘जयपुर डिक्लेरेशन’की भावना के अनुरूप होगा।' खट्टर ने प्रतिभागियों से शहरों और अन्य हितधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रस्तावित प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के तरीके पर चर्चा करने का आग्रह किया। खट्टर ने कहा,‘भारत सी3 को एक प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में प्रस्तुत करेगा जो शहरों के बीच सहयोग, तकनीकी संस्थानों, साझेदारी और ऐसी पहल को बढ़ावा देगा।
(पीटीआई/भाषा)



































