भारत ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का बदला ले लिया है और पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया है। भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया है। यह पाकिस्तान पर किया गया भारत की ओर से अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला है। हमले के बाद से पाकिस्तान में हड़कंप मचा है। भारत के बदले के बाद देश के कई एयरपोर्ट्स की उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
इंडिगो की फ्लाइट्स हुईं प्रभावित
इंडिगो एयरलाइंस ने एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि क्षेत्र की बदली हुई हवाई परिस्थितियों के कारण श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़ और धर्मशाला से आने-जाने वाली हमारी उड़ानें प्रभावित हुई हैं। बीकानेर से आने-जाने वाली उड़ानें भी मौजूदा हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों से प्रभावित हैं।
इंडिगो द्वारा स्टेटमेंट जारी करके बताया गया है कि बीकानेर से आने-जाने वाली उड़ानें भी मौजूदा हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों से प्रभावित हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि हवाई अड्डे पर पहुँचने से पहले https://bit.ly/31paVKQ पर अपनी उड़ान की स्थिति जांच लें।
स्पाइसजेट एयरलाइंस ने किया ट्वीट
स्पाइसजेट एयरलाइंस ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मौजूदा स्थिति के कारण, धर्मशाला (DHM), लेह (IXL), जम्मू (IXJ), श्रीनगर (SXR) और अमृतसर (ATQ) सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हवाई अड्डे अगले आदेश तक बंद हैं। प्रस्थान, आगमन की उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना तदनुसार बनाएं और उड़ान की स्थिति की जांच करें।
एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया ने 7 मई को दोपहर 12 बजे तक निम्नलिखित स्टेशनों-जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। अधिकारियों से आगे की जानकारी मिलने तक ऐसा किया गया है। अमृतसर जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली की ओर मोड़ा जा रहा है। इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।
भारत ने मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर में आतंकी ठिकानों पर बड़ा मिसाइल हमला किया है। इन हमलों में आतंकवादियों के बड़ी संख्या में माने जाने की खबर है। हालांकि कितने आतंकी ढेर हुए हैं। इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आतंवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमले हुए थे, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, तब इसकी जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली थी।