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असम में बनने जा रहा देश का हाईटेक हाईवे! काजीरंगा से गुजरने वाला कालीबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन होगा चौड़ा, कैबिनेट ने दी मंजूरी

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Oct 01, 2025 05:44 pm IST,  Updated : Oct 01, 2025 05:44 pm IST

असम में यातायात और पर्यटन दोनों के लिहाज से एक ऐतिहासिक परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने कालीबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन (NH-715) को 4 लेन में चौड़ा करने और सुधारने की मंजूरी दे दी है।

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केंद्रीय कैबिनेट ने असम में कालीबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन (NH-715) के चौड़ीकरण और सुधार के लिए हरी झंडी दे दी है। Image Source : CANVA

असम में सड़क और पर्यटन दोनों के लिहाज से एक बड़ा बदलाव आने वाला है। केंद्रीय कैबिनेट ने कालीबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन (NH-715) के चौड़ीकरण और सुधारने के लिए हरी झंडी दे दी है। यह हाईवे न केवल देश के हाईटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल होगा, बल्कि काजीरंगा नेशनल पार्क से गुजरते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी दोनों सुनिश्चित करेगा। कुल परियोजना की लंबाई 85.675 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत 6957 करोड़ रुपये है।

फिलहाल कालीबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन 2 लेन का है, जिसमें कुछ हिस्सों में पक्की साइड शोल्डर भी नहीं है। यह सड़क जखलाबांधा (नगांव) और बोकाखत (गोलाघाट) जैसे घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरती है और अधिकांश मार्ग काजीरंगा नेशनल पार्क के भीतर या उसके साउथ बॉर्डर के पास है। मौजूदा सड़क की 16-32 मीटर ROW और कमजोर जियोमेट्रिक डिजाइन की वजह से बरसात के मौसम में वन्यजीव पार्क से बाहर निकलते हैं और हाईवे पार करते समय दुर्घटनाओं का खतरा रहता है।

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Image Source : PIBअसम में कालीबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन (NH-715) का चौड़ीकरण होगा।

34.5 km का एलिवेटेड कॉरिडोर

इस समस्या को दूर करने के लिए इस प्रोजेक्ट में 34.5 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे वन्यजीव काजीरंगा पार्क से कार्बी-आंगलॉंग हिल्स तक स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से गुजर सकेंगे। इसके अलावा, 30.22 किलोमीटर मौजूदा सड़क को सुधारने और 21 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड बाईपास जखलाबांधा और बोकाखत के आसपास बनाया जाएगा, जिससे ट्रैफिक की भीड़ कम होगी और सुरक्षा बढ़ेगी।

कनेक्टिविटी और आर्थिक महत्व

यह हाईवे एनएच-127, एनएच-129 और एसएच-35 से जुड़ता है, जिससे राज्य के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों तक सहज पहुंच सुनिश्चित होगी। सड़क रेलवे स्टेशनों (नगांव, जखलाबांधा, विश्वनाथ चार्ली) और एयरपोर्ट्स (तेजपुर, लियाबरी, जोरहाट) से जुड़कर माल और यात्रियों की गति तेज करेगी। परियोजना पूरा होने पर यह सेक्शन काजीरंगा नेशनल पार्क और नुमालीगढ़ के औद्योगिक केंद्रों को जोड़ते हुए पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा। काजीरंगा जैसी विश्व प्रसिद्ध विरासत स्थल की सुरक्षा और आसपास के क्षेत्रों में समृद्धि लाने के लिहाज से यह प्रोजेक्ट बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

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