दिवाली और छठ पूजा के त्योहारों के मद्देनजर घर जाने के लिए ट्रेन टिकट की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। 20 अक्टूबर को दिवाली के पहले की नजदीकी तारीखों जैसे 17,18 और 19 अक्टूबर की तारीख में किसी भी ट्रेन में टिकट उपलब्ध नहीं है। इसी तरह, छठ पूजा (27 और 28 अक्तूबर) के लिए पहले की तारीखों के लिए टिकट उपलब्ध नहीं है या वेटिंग बहुत ज्यादा है। ऐसा तब है जब रेलवे की तरफ से कई स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गई हैं। तमाम ट्रेनों में टिकट REGRATE शो हो रहा या वेटिंग इतनी ज्यादा है कि उनके कन्फर्म होने की संभावना बिल्कुल नहीं होने के बराबर है। ऐसे में यात्री काफी परेशान हो रहे हैं। ऐसे में यात्री अगर दूसरे विकल्पों जैसे फ्लाइट्स या बसों का रुख करते हैं, तो उनके टिकट की कीमतें सातवें आसमान पर हैं। इस कारण लोग असमंजस की स्थिति में हैं और त्योहारों पर घर जाने की उनकी योजना भी मुश्किल में पड़ गई लगती है।
बस किराया है बहुत ज्यादा
बस का किराया ट्रेन के मुकाबले काफी ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर देखें तो रेड बस की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, 17 अक्तूबर के लिए अगर आप दिल्ली से पटना के लिए बस लेना चाहें तो आपको इसके लिए ₹2,430 से लेकर ₹7,999 तक का किराया चुकाना होगा। इसी तरह, अगर आप दिल्ली से रांची जाते हैं तो ₹3,824 से लेकर ₹4311 तक किराया देना होगा। अगर आप दिल्ली से लखनऊ जाना है तो आपको 17 तारीख के लिए 1899 रुपये से लेकर 7000 के करीब तक किराया लगेगा।
फ्लाइट टिकट है बहुत महंगा
ट्रेन के अलावा अगर कोई पैसैंजर फ्लाइट का रुख करे तो दिवाली से पहले की उपर्युक्त तारीखों के लिए किराया भी महंगा है। उदाहरण के लिए, इंडिगो की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, दिल्ली से कोलकाता के लिए इंडिगो की फ्लाइट में 17 अक्तूबर का किराया ₹17,713 से लेकर ₹32,741 तक है। 18 अक्तूबर को दिल्ली से पटना की फ्लाइट का किराया ₹9,943 से लेकर ₹27,398 तक है। दिल्ली से गुवाहाटी का किराया ₹12,451 से लेकर ₹23,067 तक है। एयर इंडिया में मुंबई से पटना के लिए 17 अक्तूबर का किराया ₹13,655 से लेकर ₹51,946 तक है। बता दें, यह सभी किराया इकोनॉमी क्लास के हैं। हां, दिवाली के मुकाबले छठ के लिए फ्लाइट का किराया थोड़े कम हैं, लेकिन अपनी जगह महंगे ही है। आम लोग इस किराये पर सफर नहीं कर सकते।
यह हालात तब हैं, जब रेलवे की तरफ से हजारों फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं और एयरलाइंस के द्वारा उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। अभी भी देश के कई हिस्सों में फेस्टिवल को देखते हुए नई ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।






































