प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली में आईएटीए (इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन) की 81वें वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व की अग्रणी विमानन कम्पनियों के लिए भारत निवेश का उत्कृष्ट अवसर प्रस्तुत करता है। ये भारतीय विमानन सेक्टर की क्षमता ही है कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है। उन्होंने कहा कि आज, भारत वैश्विक अंतरिक्ष-विमानन कन्वर्जेंस में एक अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है। उड़ान योजना की सफलता भारतीय नागरिक विमानन में एक स्वर्णिम अध्याय है।
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अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा भारत
आईएटीए में एविएशन सेक्टर से जुड़े दिग्गजों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज, भारत ग्लोबल स्पेस-एविएशन कन्वर्जेंस में एक अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है। करीब चार दशकों के बाद भारत में हो रहे आईएटीए की वार्षिक आम बैठक में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इन चार दशकों में भारत में बहुत कुछ बदल चुका है। आज का भारत पहले से कहीं ज्यादा आत्मविश्वास से भरा हुआ है। ग्लोबल एविएशन ईकोसिस्टम में हम न केवल विशाल मार्केट हैं, बल्कि पॉलिसी लीडरशिप, इनोवेशन और इन्क्लूजिव डेवलपमेंट के प्रतीक भी हैं।
एविएशन सेक्टर बदलाव और इनोवेशन का केंद्र बनेगा
पीएम ने कहा कि आज हम एक ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां हमारे ट्रैवल प्लान केवल धरती के शहरों तक ही सीमित नहीं हैं। इंसान आज स्पेस फ्लाइट और ग्रहों के बीच यात्राओं को भी कॉमर्शियलाइज्ड करने और उसे सिविल एविएशन के लिए खोलने के सपने देख रहा है। यह बात सही है कि इसमें अभी समय है। लेकिन यह बताता है कि आने वाले समय में एविएशन सेक्टर कितने बड़े बदलाव और इनोवेशन का केंद्र बनने वाला है। भारत इन सभी संभावनाओं के लिए तैयार है।
उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए भारत के मजबूत आधार के पीछे तीन वजहें हैं। पहला, भारत के पास मार्केट है। यह मार्केट मात्र उपभोक्ताओं का समूह नहीं है, बल्कि भारत की महत्वाकांक्षी समाज का प्रतिविंब है। दूसरा, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के लिए हमारे पास डेमोग्राफी और टैलेंट है। हमारे युवा नए दौर के इनोवेटर्स हैं, जो एआई, रोबोटिक्स और क्लिन इनर्जी जैसे क्षेत्रों में सफलता ला रहे हैं। तीसरा, हमारे यहां इंडस्ट्री के लिए ओपन और सपोर्टिव पॉलिसी ईकोसिस्टम है। इन तीनों सामर्थ्य के दम पर हमें मिलकर भारत के एविएशन सेक्टर को नई ऊंचाई पर लेकर जाना है।