सरकारी नियमों को दरकिनार करते हुए अवैध रूप से यात्री ढोने और यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली रैपिडो, उबर जैसी ऐप आधारित बाइक टैक्सी कंपनियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मोटर परिवहन विभाग को दिए हैं। सरकार ने हाल ही में ई-बाइक नीति जारी की है। इसके बाद कई ऐप आधारित कंपनियों ने बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू कर दी हैं। लेकिन इन कंपनियों ने बिना किसी प्रशिक्षण के ड्राइवरों को नियुक्त किया है और निजी या सामान्य बाइकों के माध्यम से यात्रियों को सेवाएं दी जा रही हैं। यह बेहद खतरनाक है।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
हाल ही में एक यात्री की ऐसी ही अवैध बाइक टैक्सी से यात्रा के दौरान मौत भी हुई है। यह घटना ताजा होने के बावजूद ये कंपनियां सरकारी नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से कारोबार कर रही हैं। इस तरह की कई शिकायतें मंत्री सरनाईक तक पहुंच रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऐसे अवैध कारोबार करने वालों पर सीधे आपराधिक मामले दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मंत्री सरनाईक ने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तरह महाराष्ट्र में इन कंपनियों का नियमों को नजरअंदाज कर अवैध कारोबार करना नहीं चलेगा!
ऐप आधारित कंपनी के मालिक पर गिरेगी गाज
यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, ड्राइवरों का शोषण किए बिना और नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करने वाली ऐप आधारित बाइक टैक्सी कंपनियों को सरकार का समर्थन मिलेगा। लेकिन अनभिज्ञ ड्राइवरों का फायदा उठाकर नियमों को तोड़ते हुए यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली कंपनियों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जितनी भी बाइकों को अवैध रूप से यात्री ढोते पाया जाएगा, उनके ड्राइवर पर नहीं, बल्कि उस ऐप आधारित कंपनी के मालिक पर मामला दर्ज किया जाएगा।
इस थाने में दर्ज किया FIR
मंत्री के निर्देश के तहत 2 दिसंबर को रैपिडो के खिलाफ मुंबई के घाटकोपर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। कंपनी पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 66(1) और 192 के तहत अवैध रूप से बाइक टैक्सी चलाने की कार्रवाई हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई RTO के मोटर वाहन निरीक्षकों की जांच में पता चला कि रैपिडो ‘राइड शेयरिंग’ के नाम पर यात्रियों की ढुलाई कर रही थी। खास बात यह कि कंपनी द्वारा उपयोग की जा रही बाइकें निजी थीं, जिन्हें कानून के अनुसार यात्री परिवहन में उपयोग करना सख्त मना है। इसके बावजूद कंपनी ने मुनाफे के लिए नियमों का उल्लंघन किया।
अवैधता क्या है?
रैपिडो (रोपन ट्रांसपोर्ट कंपनी) ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 66(1) का उल्लंघन करके निजी वाहनों (जैसे बाइक) का व्यावसायिक रूप से यात्री ढुलाई के लिए उपयोग किया। इस संदर्भ में मोटर वाहन निरीक्षक रविंद्रनाथ श्रीरंगराव देशमुख ने शिकायत दर्ज की, जिसके बाद कंपनी के विरुद्ध धारा 66, 192 और 112 (गति सीमा उल्लंघन) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान घाटकोपर रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण करते समय मोटर वाहन विभाग ने कंपनी के ऐप से बुक की गई कई बाइक टैक्सी चालकों को रंगेहाथ पकड़ा। इनमें विनोद पाटिल (चालक) और अप्पाराव पिडपारे (यात्री) जैसे लोग बाइक टैक्सी सेवा का उपयोग करते पाए गए। कुछ चालकों के खिलाफ गति सीमा का उल्लंघन करने की जानकारी भी सामने आई।






































