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RBI गवर्नर ने ऐसा क्यों कहा- 'मैं संजय तो हूं, लेकिन महाभारत वाला संजय नहीं...'

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि हम सरकार के साथ मिलकर अपने देश में विकास और मुद्रास्फीति की गतिशीलता को प्रबंधित करने का प्रयास करेंगे। गवर्नर ​​ने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्रीय बैंक तेजी से दर कटौती के लिए पर्याप्त तरलता बनाए रखेगा।

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Apr 09, 2025 04:17 pm IST, Updated : Apr 09, 2025 05:26 pm IST
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा।- India TV Paisa
Photo:INDIA TV भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि मेरा नाम भले ही संजय है, लेकिन महाभारत का संजय नहीं हूं जो भविष्य में ब्याज दरों में कटौती कब होगी, इसकी भविष्वाणी कर सकूं। साथ ही यह भी नहीं बता सकता कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ब्याज दरों में किस स्तर पर कमी आएगी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, गवर्नर ने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या ब्याज दरों में और कटौती की संभावना है? आरबीआई गवर्नर का पद संभालने के बाद संजय मल्होत्रा ने लगातार दूसरी बार नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की है।

नीतिगत ब्याज दर कहां पहुंचेगा, हम वास्तव में नहीं जानते

जैसा कि आप जानते हैं कि महाभारत के मुताबिक, संजय को दिव्य दृष्टि प्राप्त थी और उन्होंने अपनी शक्ति का इस्तेमाल करके कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में अंधे राजा धृतराष्ट्र को उनके महल में होने वाली कार्रवाई के बारे में बताया था। गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति और राजकोषीय नीति विकास-मुद्रास्फीति लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। यह एक संयुक्त प्रयास है। सरकार ने हाल ही में बजट में पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी, टैक्स छूट के संदर्भ में कई उपाय करके अपना काम किया है। मल्होत्रा का कहना है कि हमने रेपो दर को कम किया है और आगे बढ़ने के लिए रुख बदला है, यानी नीतिगत रेपो दर की दिशा नीचे की तरफ है। यह कहां पहुंचेगा, हम वास्तव में नहीं जानते।

आगे और अधिक ढील देने का संकेत

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मेरे पास उनके जैसी दिव्य दृष्टि नहीं है। हम (सरकार के साथ) मिलकर अपने देश में विकास और मुद्रास्फीति की गतिशीलता को प्रबंधित करने का प्रयास करेंगे। इससे पहले, मल्होत्रा ​​ने लगातार दूसरी बार रेपो दर में कटौती की घोषणा की और आगे और अधिक ढील देने का संकेत दिया, क्योंकि आरबीआई ने अमेरिकी टैरिफ के आगे के दबाव का सामना करते हुए अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की।

9 अप्रैल को 0.25 प्रतिशत की दर में कटौती के बाद, प्रमुख नीतिगत ब्याज दर कम होकर 6 प्रतिशत हो गई है। महंगाई में कमी और तेल की कीमतों में गिरावट के बीच इस कदम से नवंबर 2022 के बाद से उधार लेने की लागत सबसे कम हो गई है। गवर्नर ​​ने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्रीय बैंक तेजी से दर कटौती के लिए पर्याप्त तरलता बनाए रखेगा। हम पर्याप्त तरलता प्रदान करेंगे।

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