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झटका! ऑनलाइन गेमिंग कानून के बाद Dream11 सहित 3 अन्य स्टार्टअप यूनिकॉर्न लिस्ट से बाहर, जानें डिटेल

 Published : Sep 11, 2025 05:30 pm IST,  Updated : Sep 11, 2025 05:38 pm IST

संसद द्वारा पारित नए कानून ने रियल मनी गेमिंग सेक्टर में भारी बदलाव ला दिए हैं। नए कानून के तहत सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भारत में यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की कुल संख्या में वृद्धि हुई है।- India TV Hindi
भारत में यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की कुल संख्या में वृद्धि हुई है। Image Source : PIXABAY

सरकार द्वारा रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) कंपनियों पर कड़ा कानून लागू किए जाने के बाद, भारत के कई रियल मनी गेमिंग स्टार्टअप्स ने अपनी यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक का मूल्यांकन) की स्टेटस खो दिया है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, ASK प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया यूनिकॉर्न एंड फ्यूचर यूनिकॉर्न रिपोर्ट 2025 में कहा गया है कि Dream11, Games24x7, Gameskraft, और Mobile Premier League (MPL) अब इस यूनिकॉर्न सूची से बाहर हो गए हैं। संसद द्वारा पारित नए कानून ने RMG सेक्टर में भारी बदलाव ला दिए हैं। 

कानूनी सख्ती का सीधा असर

संसद द्वारा पारित नए कानून कानून के तहत सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। मनी गेम्स के विज्ञापनों पर रोक लगाई गई है। बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इन कंपनियों से जुड़े लेनदेन करने से मना किया गया है। इन सख्त नियमों के कारण इन कंपनियों के मूल्यांकन में भारी गिरावट आई है। Dream11 (260 मिलियन यूजर्स) और MPL (90 मिलियन यूजर्स) जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ-साथ Zupee और Winzo Games जैसी कंपनियों का मूल्यांकन भी प्रभावित हुआ है।

दीर्घकालिक प्रभाव और बदलता परिदृश्य

रिपोर्ट के अनुसार, इस कानूनी सख्ती ने भले ही रियल मनी गेमिंग स्टार्टअप्स की वृद्धि को अस्थायी रूप से धीमा कर दिया हो और निवेशकों का भरोसा डिगा दिया हो, लेकिन यह लंबे समय में उद्योग के लिए पारदर्शिता और स्थिरता ला सकता है। इस बदलाव के कारण, कई कंपनियों ने क्रिकेट टीम की स्पॉन्सरशिप वापस ले ली है और बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी भी की है।

स्टार्टअप की ये जानकारी है अहम

  • सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न: Zerodha (8.2 अरब डॉलर), Razorpay और Lenskart ($7.5 अरब डॉलर प्रत्येक)।
  • यूनिकॉर्न हब: बेंगलुरु (26 यूनिकॉर्न), दिल्ली-NCR (12) और मुंबई (11)।
  • सबसे युवा फाउंडर्स: Zepto के कैवल्य वोहरा और आदित पालिचा (22 वर्ष)।

यह रिपोर्ट बताती है कि अब भारतीय स्टार्टअप्स का ध्यान राजस्व वृद्धि और भारी छूट देने के बजाय मुनाफा, पूंजी दक्षता और टिकाऊ व्यापार मॉडल पर केंद्रित हो रहा है।

भारत के यूनिकॉर्न इकोसिस्टम में वृद्धि जारी

RMG सेक्टर में गिरावट के बावजूद, भारत में यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की कुल संख्या में वृद्धि हुई है। इस साल 6 नए यूनिकॉर्न के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 73 हो गई है। इनमें Ai.tech, Navi Technologies, Rapido और DarwinBox जैसे स्टार्टअप्स शामिल हैं।

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