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Budget 2024: सरकार बजट में MSME के लिए पेमेंट नियम में दे सकती है ढील, मिल सकती है ये राहत

 Published : Jul 09, 2024 06:44 pm IST,  Updated : Jul 09, 2024 06:44 pm IST

सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों को डर है कि इस प्रावधान के कारण बड़े खरीदार एमएसएमई आपूर्तिकर्ताओं को नजरअंदाज कर सकते हैं और या तो उन एमएसएमई (जो उद्यम के साथ पंजीकृत नहीं हैं) या गैर-एमएसएमई से खरीदारी शुरू कर सकते हैं।

एमएसएमई क्षेत्र की देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।- India TV Hindi
एमएसएमई क्षेत्र की देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। Image Source : FILE

आगामी बजट में सरकार बड़ी कंपनियों को दूसरे स्रोतों की ओर देखने से रोकने के लिए वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के 45 दिन के भीतर एमएसएमई को भुगतान करने की जरूरत में ढील दे सकती है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को लोकसभा में वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट पेश कर सकती हैं। भाषा की खबर के मुताबिक, इसकी घोषणा बजट में की जा सकती है। सूत्रों ने बताया कि बजट पूर्व विचार-विमर्श के दौरान सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) द्वारा आयकर अधिनियम की धारा 43बी(एच) में बदलाव के संबंध में दिए गए सुझावों पर सरकार विचार कर रही है।

भुगतान को लेकर हो सकता है ये प्रावधान

खबर के मुताबिक, सरकार ने पिछले वर्ष के बजट में देश में एमएसएमई के सामने लेट पेमेंट (भुगतान) की चुनौती के समाधान के लिए आयकर अधिनियम की धारा 43बी के तहत एक नया खंड जोड़ा था। वित्त अधिनियम 2023 के जरिये जारी आयकर अधिनियम की धारा 43बी(एच) के मुताबिक, अगर कोई बड़ी कंपनी किसी एमएसएमई को समय पर (लिखित समझौतों के मामले में 45 दिन के भीतर) भुगतान नहीं करती है तो वह उस व्यय को अपनी टैक्स योग्य इनकम से नहीं घटा सकती है, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से टैक्स अधिक हो सकता है।

बड़े खरीदारों को लेकर चिंता

एमएसएमई को डर है कि इस प्रावधान के कारण बड़े खरीदार एमएसएमई आपूर्तिकर्ताओं को नजरअंदाज कर सकते हैं और या तो उन एमएसएमई (जो उद्यम के साथ पंजीकृत नहीं हैं) या गैर-एमएसएमई से खरीदारी शुरू कर सकते हैं। इससे पहले मई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि एमएसएमई द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन के अनुसार, नियम में अगर कोई बदलाव होगा तो वह नई सरकार के तहत जुलाई में पूर्ण बजट में किया जाएगा। एमएसएमई क्षेत्र की देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।

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