आज के दौर में अच्छी सैलरी होना आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं है। कई लोग लाखों की कमाई करने के बावजूद महीने के आखिर में खुद को कैश-पुअर स्थिति में पाते हैं। वजह साफ है- कमाई बढ़ती है, लेकिन खर्च उससे भी ज्यादा तेजr से बढ़ जाते हैं। निवेश की शुरुआत देर से होती है, हाई-इंटरेस्ट लोन लेना आम बात है और गलत निवेश फैसले पूरी वेल्थ की नींव हिला देते हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऐसी 5 आदतों के बारे में बताया है जो चुपचाप आपकी मेहनत की कमाई को खत्म कर देती हैं। जानें कौन-सी हैं वो गलतियां और कैसे बचें उनसे।
1. क्रेडिट कार्ड पर सिर्फ मिनिमम ड्यू भरना
यह आदत आपकी वेल्थ का सबसे बड़ा दुश्मन है। 50,000 रुपये का बकाया अगर समय पर नहीं चुकाया गया तो 36% ब्याज दर पर सिर्फ दो साल में यह रकम 1 लाख से ज्यादा हो सकती है। CA फोरम नाइक शेट बताती हैं कि क्रेडिट कार्ड और लोन पर ज्यादा निर्भरता से ब्याज, पेनल्टी और EMI मिस होने का खतरा बढ़ता है। इससे CIBIL स्कोर गिरता है और डेब्ट साइकल से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
2. समझे बिना निवेश करना
क्रिप्टो, NFTs या किसी दोस्त की बताई गारंटीड स्कीम में पैसे लगाना खतरनाक हो सकता है। अगर आप एक लाइन में समझा नहीं सकते कि वह निवेश पैसे कैसे कमाता है, तो आप निवेश नहीं, बल्कि ‘गैसिंग’ कर रहे हैं। शेट कहती हैं कि टिप्स और FOMO पर आधारित निवेश अक्सर गंभीर नुकसान की वजह बनता है।
3. कमाई बढ़ते ही खर्च बढ़ा देना
इसे लाइफस्टाइल इंफ्लेशन कहा जाता है। 2 लाख की सैलरी और 2 लाख का खर्च, मतलब सेविंग्स जीरो। दिखावे की दौड़ में लोग महंगे गैजेट, डाइनिंग और ट्रैवल पर जरूरत से ज्यादा खर्च कर देते हैं। शेट बताती हैं कि 1 लाख रुपये को 20 साल तक 12% रिटर्न के साथ निवेश किया जाए तो यह 10 लाख रुपये तक बन सकता है, लेकिन लोग इसे लग्जरी पर उड़ाने में झिझकते नहीं।
4. नई कार को EMI पर खरीदना
नई कार की खुशियां कुछ दिन की होती हैं, पर 60 महीनों की EMI पूरे बजट को हिला देती है। कार शोरूम से निकलते ही 20% तक वैल्यू खो देती है। इसलिए कार तभी खरीदें जब यह जेब पर बोझ न बने।
5. घर की EMI आधी सैलरी खा जाए
घर खरीदना सपना है, लेकिन EMI अगर आपकी आमदनी का 40-50% खा ले तो यह सपना बोझ बन जाता है। शेट सलाह देती हैं कि EMI को 25% के भीतर रखना ही समझदारी है ताकि बचत, निवेश और इमरजेंसी फंड पर असर न पड़े।



































