नयी दिल्ली। टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने देश में अपने नेटवर्क में 5जी के लिए तैयार क्लाउड प्रौद्योगिकी लगाने के लिए स्वीडन की टेलिकॉम सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी एरिक्सन का चयन किया है। दोनों कंपनियों ने बुधवार को इसकी घोषणा की।
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भारती एयरटेल के मुख्य तकनीकी अधिकारी रणदीप सेखोन ने एक बयान में कहा, 'एरिक्सन हमारा मुख्य नेटवर्क भागीदार है और इस प्रौद्योगिकी से हमें मुख्य नेटवर्क को विस्तृत करने में मदद मिलेगी, जो न केवल डेटा की क्षमता को बढ़ाएगा बल्कि हमें क्लाउड प्रौद्योगिकी के लिये तैयार भी करेगा।' नेटवर्क डिप्लॉयमेंट के बाद एयरटेल का नेटवर्क भी यूरोपियन टेलिकॉम स्टैंडर्ड की तरह ही vEPG (Virtual Evolved Packet Gateway) की तरह हो जाएगा। एरिक्सन के इस नेटवर्क टेक्नोलॉजी के डिप्लॉयमेंट के बाद एयरटेल का नेटवर्क पहले से बेहतर हो जाएगा और यूजर्स को इंप्रूव्ड हाई-सपीड डाटा मुहैया करया जाएगा।
एरिक्सन के प्रमुख (दक्षिण पूर्वी एशिया, ओसीनिया और भारत) नुंजियो मिर्तिल्लो ने कहा, 'इस प्रौद्योगिकी को लगाने से एयरटेल को उपभोक्ताओं की तेजी से बढ़ती मांग की पूर्ति में मदद मिलेगी।' गौरतलब है कि एरिक्सन यूरोपीय देशों में वर्चुअल इवोल्व्ड पैकेट गेटवे सॉल्यूशन प्रोवाइड कर रहा है, जो कि यूरोपीय टेलिकॉम्युनिकेशन स्टैंडर्ड्स को फॉलो करती है। यह सॉल्यूशन एज कम्प्युटिंग और कंटेनर मैनेजमेंट कैपेबिलिटिस से लैस है जो मोबाइल ब्रॉडबैंड को ऑप्टिमाइज करके एडवांस्ट इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सर्विस प्रदान करती है।
आपको बता दें कि भारती एयरटेल 2017 से ही MIMO (मल्टीपल इनपुट मल्टीपल आउटपुट) नेटवर्स सॉल्युशन अपने यूजर्स को प्रदान करवा रहा है। कंपनी ने इसे सबसे पहले बैंगलुरू में टेस्ट किया। बाद में इस तकनीक को अन्य टेलिकॉम सर्किल के लिए भी रोल आउट किया जा रहा है। MIMO को प्री-5G नेटवर्क सॉल्यूशन या फिर 4.5G भी कहा जाता है।