नई दिल्ली। दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया ने विभिन्न दूरसंचार सेवाओं के लिए न्यूनतम दरों को पूरे उद्योग के लिए अनिवार्य बताया है। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि दरें बढ़ाने के मुद्दे पर पहला कदम उठाने में वह हिचकिचाएगी नही। कंपनी ने कहा कि नुकसान से सुरक्षा समझौते के तहत उसे समायोजित सकल आय (एजीआर) देनदारी के लिए वोडाफोन से 6,400 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
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वोडाफोन आइडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंदर टक्कर ने ये बातें कंपनी के जुलाई-सितंबर तिमाही के परिणामों की घोषणा बाद निवेशकों के साथ चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि दूरसंचार उद्योग में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और उद्योग की सेहत के लिए सेवाओं की न्यूनतम दरें अनिवार्य होंगी।
टक्कर ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कुछ भी उद्योग को दरें बढ़ाने से रोक सकता है, जबकि न्यूनतम दरें तय करने को लेकर चर्चा चल रही है। यह पहले भी हो चुका है और मुझे कोई कारण नजर नहीं आता कि यह दोबारा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वोडाफोन आइडिया इस दिशा में पहला कदम उठाने से हिचकिचाएगी नहीं।
एजीआर के मुद्दे पर वोडाफोन आइडिया के मुख्य वित्त अधिकारी अक्षय मूंदड़ा ने कहा कि कंपनी को वैधानिक बकाये के लिए वोडाफोन समूह से 6,400 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। वोडाफोन आइडिया ने गुरुवार को अपने दूसरी तिमाही के परिणाम जारी किए। वित्त वर्ष 2020-21 की जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी को 7,218 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।