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देश की गैर-बासमती चावल मिलों का इस माह दौरा कर सकते हैं चीनी अधिकारी

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jun 11, 2018 04:26 pm IST,  Updated : Jun 11, 2018 04:26 pm IST

चीनी अधिकारियों का एक दल इस माह के अंत तक देश की कुछ गैर-बासमती चावल मिलों का दौरा कर उनके यहां स्वच्छता मानकों के अनुपालन की जांच कर सकता है। इस दल की रपट के आधार पर चीन इन मिलों का चावल का आयात करने की अनुमति दे सकता है। अभी चीन ने अपने यहां भारत से केवल बासमती चावल के आयात को मंजूरी दी हुई है।

Chinese officials can visit Indian Rice mills for inspection this week- India TV Hindi
Chinese officials can visit Indian Rice mills for inspection this week

नई दिल्ली। चीनी अधिकारियों का एक दल इस माह के अंत तक देश की कुछ गैर-बासमती चावल मिलों का दौरा कर उनके यहां स्वच्छता मानकों के अनुपालन की जांच कर सकता है। इस दल की रपट के आधार पर चीन इन मिलों का चावल का आयात करने की अनुमति दे सकता है। अभी चीन ने अपने यहां भारत से केवल बासमती चावल के आयात को मंजूरी दी हुई है। 

उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अलग से हुई बैठक के बाद चीन ने भारत से गैर - बासमती चावल आयात करने के बारे मेंए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए । समझौते के तहत भारत से निर्यात किए जाने वाले चावल को चीन में बाहर से आने वाले पादप उत्पादों के आरोग्या एवं स्वच्छता संबंधी कानून और नियमों के अनुकूल होना चाहिए।

भारत यह सुनिश्चित करेगा कि चीन को निर्यात किए जाने वाले चावल का भंडारण और प्रसंस्करण ट्रोगोडर्मा ग्रेनेरियम और प्रोस्टेफानुस ट्रंकाटस जैसे कीटनाशकों से मुक्त हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई जीवित कीड़ा भी प्रसंस्करण या भंडारण स्थल पर ना हो। अधिकारियों ने बताया कि चीनी अधिकारियों का एक दल हमारी गैर-बासमती चावल मिलों की जांच के लिए भारत का दौरा करेगा। इनमें से पह कुछ मिलों को चुनकर प्रमाणित करेगा जिनसे चीन को चावल निर्यात किया जाएगा।

अधिकारी ने उम्मीद जतायी कि इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद भारतीय मिलें चीन को निर्यात शुरु कर सकेंगी। निर्यात किया जाने वाला चावल मिट्टी, जंगली घास के बीज, धान की पतवार, चावल की भुसी और चावल के पौधे के किसी भी तरह के कचरे मुक्त होगा। अप्रैल 2017 से फरवरी 2018 के बीच देश से गैर-बासमती चावल का निर्यात 3.26 अरब डॉलर रहा जो 2016-17 में 2.53 अरब डॉलर था। चीन के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद भारत को एक बड़ा चावल बाजार मिलने की उम्मीद है

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