पेटीएम ब्रांड की मदर कंपनी वन97 कम्यूनिकेशंस के शेयरों में सोमवार को तेज गिरावट देखने को मिली, जब भारतीय रिजर्व बैंक या RBI ने नियमों के उल्लंघन के चलते पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस कैंसिल करने की घोषणा की। पीटीआई की खबर के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक का संचालन जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल तरीके से किया जा रहा था। इस खबर के बाद बीएसई पर कंपनी का शेयर 8.37% तक गिरकर 1,051.05 रुपये तक आ गया था। वहीं एनएसई पर भी शेयर 8.38% टूटकर 1,051.10 रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, बाद में शेयर ने शुरुआती गिरावट से कुछ रिकवरी की। बीएसई पर यह एक समय 3.02% की गिरावट के साथ 1,112.50 रुपये और एनएसई पर 2.93% नीचे 1,114.95 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया गया
आरबीआई ने शुक्रवार को कहा था कि पेमेंट्स बैंक को दिए गए लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद कारोबारी दिन समाप्त होने के साथ ही लाइसेंस रद्द कर दिया गया। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में स्पष्ट किया कि उसका पेटीएम पेमेंट्स बैंक में कोई वित्तीय जोखिम (एक्सपोजर) नहीं है, क्योंकि उसने 31 मार्च 2024 तक इस इकाई में अपने निवेश को पहले ही पूरी तरह लिख-डाउन (इम्पेयर) कर दिया था।
कई बार नियामकीय जांच के दायरे में रही है कंपनी
आपको बता दें, विजय शेखर शर्मा द्वारा प्रमोटेड पेटीएम की सहयोगी कंपनी पेटीएम पेमेंट्स बैंक पहले भी कई बार नियामकीय जांच के दायरे में आ चुकी है। मार्च 2022 में आरबीआई ने इसे नए ग्राहक जोड़ने से भी रोक दिया था। आरबीआई ने यह भी कहा कि बैंक के पास अपनी जमा देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त नकदी (लिक्विडिटी) मौजूद है और विंडिंग-अप की स्थिति में जमाकर्ताओं का पैसा सुरक्षित रहेगा।
बहुलांश भारतीय स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली कंपनी
वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड मार्च, 2026 के अंत तक घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 50.3 प्रतिशत होने के साथ बहुलांश भारतीय स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली कंपनी बन चुकी है। यह वित्तीय-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी के स्वामित्व ढांचे में एक अहम बदलाव को दर्शाता है। नियामकीय सूचना के मुताबिक, कंपनी में घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी मार्च तिमाही में बढ़कर रिकॉर्ड 23.1 प्रतिशत हो गई, जो तिमाही आधार पर 2.8 प्रतिशत अंक और सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत अंक अधिक है।